महाराष्ट्र सरकार ने अपनी नई किसान कर्ज माफी योजना के तहत पहले चरण में 533 पात्र किसानों की प्रतीकात्मक सूची जारी कर दी है। यह सूची राज्य के सात जिलों के किसानों की है। सरकार ने यह घोषणा पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जयंती के अवसर पर की।
राज्य सरकार ने 2 जून 2026 को कैबिनेट बैठक में 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना-2026' को मंजूरी दी थी। इसके बाद 15 जुलाई को सरकार ने योजना की पात्रता से जुड़े कुछ नियमों में संशोधन भी किया।
किसानों के खाते में सीधे पहुंचेगी राशि
सरकार ने बताया कि जिन किसानों का नाम पात्र लाभार्थियों की सूची में है, उन्हें जल्द ही SMS भेजा जाएगा। इसके बाद किसानों को आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) कराना होगा। आधार सत्यापन पूरा होने के बाद कर्ज माफी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे उनके लोन खाते में जमा कर दी जाएगी।
53 बैंकों का डेटा किया गया शामिल
इस योजना में 53 बैंकों का डेटा शामिल किया गया है। इनमें 30 जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCB), 12 राष्ट्रीयकृत बैंक और कुछ निजी बैंक शामिल हैं। सभी बैंकों ने अपने ऋण खातों का विवरण महाराष्ट्र सरकार के आईटी प्लेटफॉर्म MahaIT के पोर्टल पर अपलोड किया है।
सरकार के अनुसार, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों द्वारा अपलोड किए गए सभी लोन खातों की पहले ऑडिट और जांच की गई, उसके बाद ही पात्र किसानों की अंतिम सूची तैयार की गई।
किन लोगों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ?
सरकार ने कुछ श्रेणियों के लोगों को इस योजना से बाहर रखा है। इनमें शामिल हैं:
- वर्तमान और पूर्व विधायक
- नगर निकाय और पंचायतों के जनप्रतिनिधि
- सरकारी और अर्द्धसरकारी कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मचारी
- गैर-कृषि आय पर आयकर देने वाले लोग
- जिला सहकारी बैंक, शहरी सहकारी बैंक, सहकारी चीनी मिल, स्पिनिंग मिल, दुग्ध संघ और कृषि उपज मंडियों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी
इन सभी श्रेणियों का कंप्यूटर के जरिए सत्यापन करने के बाद ही पात्र किसानों की अंतिम सूची तैयार की गई है।
आधार सत्यापन जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सबसे पहले Agristack प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद आधार नंबर या सरकार द्वारा दिए गए यूनिक आईडी के जरिए आधार सत्यापन करना होगा।
इसके लिए पूरे महाराष्ट्र में करीब 32,000 'आपले सरकार सेवा केंद्र' बनाए गए हैं, जहां किसान आसानी से अपना सत्यापन करा सकते हैं।
31 जुलाई तक पूरी होगी प्रक्रिया
सरकार का लक्ष्य है कि 31 जुलाई 2026 तक जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के सभी पात्र किसानों का आधार सत्यापन और अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद व्यावसायिक (कमर्शियल) बैंकों से कर्ज लेने वाले पात्र किसानों के खातों में भी कर्ज माफी की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाना है, ताकि वे कर्ज के बोझ से बाहर निकलकर खेती पर दोबारा ध्यान दे सकें।




