एग्री बुलेटिन.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

APEDA की पहल: प्रीमियम सेगमेंट में बढ़ेगा भारतीय काजू
एपीडा और IBEF मिलकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ‘इंडियन काजू’ ब्रांड को बढ़ावा दे रहे हैं। इसका लक्ष्य भुने, फ्लेवर और अन्य वैल्यू-ऐडेड काजू उत्पादों का निर्यात बढ़ाकर बेहतर कीमत हासिल करना है। नए फ्री

India-US ट्रेड डील: किन अमेरिकी कृषि उत्पादों को मिली भारत में entry?
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारत कुछ अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों पर शुल्क घटाएगा या सीमित मात्रा में आयात की अनुमति देगा, जबकि मांस, डेयरी, अनाज और अन्य संवेदनशील फसलों में घरेलू किसानों के

कृषि उत्पाद समझौते से बाहर, किसानों को नहीं होगा नुकसान: कृषि मंत्री चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा की गई है और किसी भी अहम कृषि उत्पाद को इसमें शामिल नहीं किया गया है। सरकार ने मांस, डे

गेहूं की आपूर्ति बढ़ी, सरकार ने स्टॉक लिमिट हटाई
केंद्र सरकार ने कीमतों पर नजर रखने और आने वाले त्योहारी सीजन से पहले गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिहाज से 27 मई, 2025 को जारी गेहूं स्टॉक सीमा आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया ह

आठ करोड़ से ज्यादा को मिला पहचान पत्र, किसानों के लिए तकनीक पर जोर- शिवराज सिंंह
अब तक कुल आठ करोड़ 47 लाख से ज़्यादा किसान पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने 2026-27 तक देश में ग्यारह करोड़ किसानों के किसान आईडी बनाने का लक्ष्य रखा है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में यूपी को ₹9.14 लाख करोड़ का क्रेडिट रोडमैप
नाबार्ड ने वर्ष 2026–27 के लिए उत्तर प्रदेश में ₹9.14 लाख करोड़ की ऋण संभाव्यता का आकलन जारी किया है, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य क्रेडिट संगोष्ठी में किया। इस मौके पर e-KCC पोर्ट

5 मिनट में मिलेगा ई-केसीसी से ऋण, डिजिटल गवर्नेंस से बदली तस्वीर: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के कारण अब किसानों को ई-केसीसी के जरिए सिर्फ 5 मिनट में ऋण मिल रहा है, जबकि पहले इसमें कई हफ्ते लगते थे। 2026-27 के लिए कृषि ऋण लक्ष्य 3 लाख करोड़

कम पानी, कम मजदूरी, ज्यादा उत्पादन: धान खेती का नया मॉडल
IRRI की स्टडी के मुताबिक, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) पर सही निवेश से भारत में जलवायु-अनुकूल धान खेती को बढ़ावा मिल सकता है। यह तरीका कम पानी और कम मजदूरी में खेती संभव बनाता है। नई DSR-अनुकूल धान किस्म

सीहोर में 7 फरवरी को राष्ट्रीय दलहन कॉन्फ्रेंस, केंद्रीय कृषि मंत्री करेंगे अध्यक्षता
7 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के सीहोर में दलहन कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इसमें सभी राज्यों के कृषि मंत्री शामिल होंगे और दलहन उत्पादन बढ़ाने
