केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर नई दिल्ली में कृषि मंत्रालय की साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। बैठक में मानसून, एल नीनो की स्थिति, खरीफ फसलों की बुवाई, उर्वरकों और बीजों की उपलब्धता, जलाशयों में पानी के स्तर और कम बारिश वाले जिलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
17 जुलाई तक 658.19 लाख हेक्टेयर में हुई बुवाई
बैठक में बताया गया कि 17 जुलाई 2026 तक देश में खरीफ फसलों की बुवाई 658.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो चुकी है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले कुल बुवाई का रकबा अभी कम है, लेकिन कई राज्यों में धान, दलहन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में अच्छी प्रगति देखने को मिली है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दलहन, तिलहन और कपास मिशन के तहत राज्यों के साथ हर सप्ताह समीक्षा बैठक की जाए और खेतों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर तुरंत जरूरी कदम उठाए जाएं।
पूरे देश में पहुंच चुका है मानसून
बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई 2026 तक पूरे देश में पहुंच चुका है। सामान्य तौर पर मानसून 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है, यानी इस बार यह सिर्फ एक दिन की देरी से पूरे देश में पहुंचा।
मानसून के पूरे देश में पहुंचने से ज्यादातर राज्यों में खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं।
बारिश अब भी सामान्य से कम
हालांकि मानसून पूरे देश में पहुंच चुका है, लेकिन 1 जून से 15 जुलाई 2026 के बीच देश में औसतन 23% कम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान 227 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 294.2 मिमी बारिश होती है।
सबसे अधिक कमी पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में रही, जहां सामान्य से 36% कम वर्षा हुई। इसके अलावा दक्षिण भारत में 26%, उत्तर-पश्चिम भारत में 19% और मध्य भारत में 13% कम बारिश दर्ज की गई।
कृषि मंत्री ने कम बारिश वाले जिलों पर विशेष नजर रखने और राज्यों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
270 संवेदनशील जिलों पर रहेगी विशेष नजर
बैठक में 270 संवेदनशील जिलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इनमें कम बारिश, संभावित एल नीनो के असर और फसलों की स्थिति का आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन जिलों की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि जरूरत पड़ने पर किसानों को समय पर सलाह और सहायता मिल सके।
उर्वरक और बीज की नहीं होगी कमी
बैठक में उर्वरकों, खासकर यूरिया, और बीजों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों और बीजों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और राज्यों के साथ मिलकर इसकी लगातार निगरानी की जा रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर उनकी जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराए जाएं। यदि कहीं वितरण में कोई दिक्कत हो तो उसका तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) और राज्य सरकारों से भी जमीनी स्तर की जानकारी नियमित रूप से लेने को कहा।
किसानों के हित में लगातार होगी निगरानी
बैठक के अंत में कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान मौसम, फसलों और कृषि गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। राज्यों के साथ बेहतर समन्वय, वैज्ञानिक सलाह और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।





