News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. खेती किसानी
  3. तुम्बा और देसी गाय के मूत्र से बना जैविक कीटनाशक, किसानों के लिए ICAR का बड़ा तोहफा
खेती किसानी

तुम्बा और देसी गाय के मूत्र से बना जैविक कीटनाशक, किसानों के लिए ICAR का बड़ा तोहफा

राजस्थान के ICAR संस्थान ने विकसित किया पेटेंटेड जैविक कीटनाशक 'Thar Jaivik 41 EC', कई खतरनाक कीटों पर असरदार

Pooja Rai

Pooja Rai·27 Jul 2026· 2 min read

राजस्थान के ICAR संस्थान ने विकसित किया पेटेंटेड जैविक कीटनाशक 'Thar Jaivik 41 EC', कई खतरनाक कीटों पर असरदार

राजस्थान के ICAR संस्थान ने विकसित किया पेटेंटेड जैविक कीटनाशक 'Thar Jaivik 41 EC', कई खतरनाक कीटों पर असरदार

राजस्थान के बीकानेर स्थित ICAR–केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH) के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए एक नया जैविक कीटनाशक विकसित किया है। Thar Jaivik 41 EC नाम का यह पेटेंटेड उत्पाद न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करता है, बल्कि मिट्टी, फसल और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखने में मदद करता है।

किन चीजों से बना है Thar Jaivik 41 EC?

यह जैविक कीटनाशक दो प्राकृतिक चीजों से तैयार किया गया है—

  • तुम्बा (Citrullus colocynthis), जो रेगिस्तानी क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक कड़वी वनस्पति है।
  • देसी गाय का मूत्र।

इन दोनों प्राकृतिक तत्वों से तैयार इस फॉर्मूले को पेटेंट भी मिल चुका है, जिससे इसकी वैज्ञानिक मान्यता और विशिष्टता साबित होती है।

किन कीटों पर करता है असर?

यह जैविक कीटनाशक खेती में नुकसान पहुंचाने वाले कई प्रमुख कीटों को नियंत्रित करने में प्रभावी पाया गया है। इनमें शामिल हैं—

  • हेलिकोवेर्पा (Helicoverpa)
  • स्पोडोप्टेरा (Spodoptera)
  • व्हाइटफ्लाई (Whitefly)
  • एफिड्स (Aphids)

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल हानिकारक कीटों पर असर करता है, जबकि खेत में मौजूद लाभदायक कीट, परजीवी और प्राकृतिक शत्रु सुरक्षित रहते हैं।

फसल को नहीं पहुंचाता नुकसान

कई रासायनिक कीटनाशकों के इस्तेमाल से फसलों पर जलन, दाग या अन्य नुकसान हो सकता है। लेकिन Thar Jaivik 41 EC में शून्य फाइटोटॉक्सिसिटी (Zero Phytotoxicity) पाई गई है। यानी इसके इस्तेमाल से फसल पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।

उपभोक्ताओं के लिए भी सुरक्षित

इस जैविक कीटनाशक के छिड़काव के तीन दिन बाद फसल का सेवन सुरक्षित माना जाता है। इसमें रासायनिक अवशेष (Chemical Residue) नहीं रहते, जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य उत्पाद मिलते हैं।

किसानों के लिए क्यों है खास?

  • स्थानीय और प्राकृतिक संसाधनों से तैयार किया गया है।
  • शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों की खेती के लिए उपयुक्त है।
  • रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने में मदद करता है।
  • टिकाऊ (Sustainable) और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देता है।
  • वैज्ञानिक तरीके से कीट प्रबंधन का बेहतर विकल्प उपलब्ध कराता है।

News Potli.
Clip & Share
“

— तुम्बा और देसी गाय के मूत्र से बना जैविक कीटनाशक, किसानों के लिए ICAR का बड़ा तोहफा

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsbiopesticidechemical free farmingicarkheti kisaniNews Potliorganic productsThar Jaivik 41 ECखेती किसानी
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर
खेती किसानी

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर

यूपी के हर कोल्ड स्टोरेज में न्यूनतम 1000 पौधों का रोपण कराना अनिवार्य, हर पौधे की होगी जिओ टैगिंग

Arvind Shukla·
खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage
खेती किसानी

खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage

जलभराव से हर साल किसानों की लाखों रुपए की फ़सल बर्बाद हो जाती है। अगर किसान अपने खेतों में perforated drainage system लगवा दें तो न सिर्फ फसलों को जलभराव से बचाया जा सकता है बल्कि जमीन जमा नुकसान करने वाले साल्ट को भी बाहर निकाला जा सकता है. देखिए कैसे काम करता है ये सिस्टम।

Arvind Shukla·
किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस
खेती किसानी

किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों, खांडसारी और गुड़ उद्योग से जुड़े लोगों ने इसके कई प्रावधानों का विरोध किया था।

News Potli·
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs