भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को देश के कई राज्यों के किसान दिल्ली के किसान घाट पहुंचने के लिए रवाना हुए। हालांकि हरियाणा सरकार ने शंभू और खनौरी बॉर्डर सहित कई जगहों पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोक दिया। हरियाणा के भीतर भी दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को कई स्थानों पर रोका गया।
कई किसान नेताओं को लिया गया हिरासत में
किसानों का आरोप है कि सरकार ने पहले सार्वजनिक परिवहन से दिल्ली आने की सलाह दी थी, लेकिन बसों और अन्य साधनों से आने वाले किसानों को भी रास्ते में रोक दिया गया। इस दौरान किसान नेता सरजीत सिंह समेत करीब 150 किसानों को हिरासत में लिया गया। भारतीय किसान यूनियन के नेता वी.एम. सिंह को भी हिरासत में लिया गया। इससे पहले किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत कई अन्य नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया था।

शंभू और खनौरी बॉर्डर पर जुटे हजारों किसान
फतेहगढ़ साहिब से हजारों किसानों का जत्था शंभू बॉर्डर पहुंचा। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए, जहां पहले से भारी पुलिस बल तैनात था। किसान नेताओं ने कहा कि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह का टकराव नहीं होने दिया गया।
वार्ता के बाद रिहा किए गए किसान
प्रशासन के साथ हुई बातचीत में हरियाणा के कृषि मंत्री, अंबाला के उपायुक्त और अन्य अधिकारियों ने सभी गिरफ्तार किसानों को रिहा करने का आश्वासन दिया। साथ ही किसानों की केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक कराने के लिए पत्र भेजने की बात भी कही गई। इसके बाद शाम तक सभी प्रमुख किसान नेताओं को रिहा कर दिया गया और शंभू व खनौरी बॉर्डर पर चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया। लाडोवाल टोल प्लाजा पर प्रस्तावित कार्यक्रम भी वापस ले लिया गया।

व्यापार समझौते का क्यों हो रहा विरोध?
किसान संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजार में बड़ी मात्रा में आ सकते हैं। उनका दावा है कि इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा, एमएसपी और सरकारी खरीद व्यवस्था पर असर पड़ सकता है और छोटे डेयरी किसानों की आय भी प्रभावित हो सकती है।
किसान संगठनों ने कहा कि वे इस समझौते का विरोध जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर देशभर में आंदोलन को और तेज करेंगे।





