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सॉइल मैप वाला पहला राज्य बना महाराष्‍ट्र , कृषि मंत्री चौहान ने कहा 29 मई से 12 जून तक कृषि वैज्ञानिक करेंगे गांवों का दौरा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्‍ट्र के नागपुर में 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' के तहत आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित किया. इस मौके पर केंद्रीय मंत्र

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Pooja Rai· Correspondent

19 मई 2025· 4 min read

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सॉइल मैप वाला पहला राज्य बना महाराष्‍ट्र , कृषि मंत्री चौहान ने कहा 29 मई से 12 जून तक कृषि वैज्ञानिक करेंगे गांवों का दौरा

सॉइल मैप वाला पहला राज्य बना महाराष्‍ट्र , कृषि मंत्री चौहान ने कहा 29 मई से 12 जून तक कृषि वैज्ञानिक करेंगे गांवों का दौरा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्‍ट्र के नागपुर में 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' के तहत आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित किया. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज हम महाराष्‍ट्र से 'एक राष्‍ट्र, एक कृषि और एक टीम' का ऐलान कर रहे हैं. आज यहां केंद्र सरकार है, राज्य सरकार है, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्‍ठ वैज्ञानिक और कृषि विभाग का पूरा अमला मौजूद है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, राज्य कृषि मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), कृषि विज्ञान केंद्र और सभी कृषि संस्थान एक टीम की तरह मिलकर काम करें.

शिवराज सिंह ने कहा कि सभी संस्थाओं को जोड़ दिया जाए, लक्ष्य तय कर दिया जाए, रोडमैप बना दिया जाए तो खेती में चमत्कार किया जा सकता है. शिवराज सिंह ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्य भूमि महाराष्‍ट्र अद्भुत है. यहां के किसान मेहनती और प्रगतिशील हैं, उनके भीतर अनंत संभावनाएं समाहित हैं. उन्‍होंने मुख्यमंत्री फडणवीस की तारीफ की.उनका कहना था कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारे किसान आत्मनिर्भर बनें, उनकी आय बढ़े, इसके लिए हम सभी मिलकर एक टीम के रूप में कार्य करेंगे.

इस दौरान केंद्रीय मंत्री और महाराष्‍ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कृषि क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित कर अपनी शुभकामनाएं दीं. कार्यक्रम में महाराष्‍ट्र सरकार के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे, मंत्री आशीष जायसवाल, चंद्रशेखर बावनकुले, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट समेत कई और लोग भी मौजूद थे.

ये भी पढ़ें - बीटी कॉटन की ऐसे बुवाई करें किसान, राजस्थान के किसानों को कृषि अधिकारियों ने दी सलाह

देशभर में ICAR संस्थाओं में हैं 16,000 कृषि वैज्ञानिक
इस अवसर पर चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि ICAR की देशभर में 113 संस्थाएं हैं जिनमें से 11 संस्थाएं महाराष्‍ट्र में हैं. नागपुर की मृदा सर्वेक्षण संस्था (NBSSLUP) में इन सभी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ मीटिंग की जाएगी. इस मीटिंग से महाराष्‍ट्र के कृषि विकास की दिशा तय होगी. प्रयोगशाला और जमीन (खेतों) के बीच की खाई कम करने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा कि देशभर में ICAR संस्थाओं के 16,000 कृषि वैज्ञानिक हैं. ICAR के वैज्ञानिक कृषि विस्तार अधिकारियों के साथ एक टीम के रूप में गांवों का दौरा करेंगे. साथ ही किसानों को नई किस्मों के बीजों और कृषि में नए विचारों के बारे में शिक्षित करेंगे. आगामी 29 मई से 12 जून तक चलने वाले इस पंद्रह दिवसीय अभियान में खरीफ सीजन की योजना के लिए कृषि वैज्ञानिक गांवों का दौरा करेंगे और किसानों को सतत कृषि के बारे में भी मार्गदर्शन देंगे.

महाराष्‍ट्र सॉयल मैप वाला पहला राज्य बना
इस मौके पर एनबीएसएसएलयूपी ने हाइपर स्पेक्ट्रल सेंसर तकनीक का उपयोग कर देश के विभिन्न क्षेत्रों की मिट्टी के pH, घनता और मूल तत्वों की स्पेक्ट्रोरेडियोमीटर की तरफ से इकट्ठा जानकारी को शामिल करते हुए 'नेशनल सॉयल स्पेक्ट्रल लाइब्रेरी' का उद्घाटन कृषि मंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ किया. इस तकनीक के उद्घाटन के साथ ही महाराष्‍ट्र मृदा मानचित्र (सॉयल मैप) वाला पहला राज्य बन गया है. कपास की फसल पर पड़ने वाले गुलाबी सुंडी (पिंक बॉलवर्म) कीट प्रबंधन के लिए AI बेस्‍ड स्मार्ट ट्रैप टेक्‍नोलॉजी की भी शुरुआत इस मौके पर चौहान ने की. यह तकनीक किसानों को संक्रमित फसलों के बारे में अलर्ट भेजेगी.

पुणे में बनेगी रिसर्च लैब
शिवराज सिंह चौहान ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि हम क्लीन प्लांट प्रोग्राम तहत पुणे में राष्‍ट्रीय स्तर की लैब बनाने जा रहे हैं. पौधों की मूल प्रजातियों के रिसर्च के लिए पुणे में यह लैबोरेट्री स्थापित की जाएगी. नागपुर के सुरेश भट सभागार में आयोजित विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत कृषि संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने विदर्भ के किसानों से संवाद करते हुए यह बात कही. शिवराज सिंह ने कृषि उत्पादन बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि शुद्ध और रोगमुक्त पौधशाला सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छ पौधा कार्यक्रम (क्लीन प्लांट प्रोग्राम) चलाया जा रहा है. उत्पादन बढ़ाने के लिए अच्छे गुणवत्ता के बीज, सॉइल टेस्टिंग और उत्पादन लागत में कमी लाना किसानों को समझना चाहिए.

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