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कमाई की बात

सब्जियों की कीमतें पिछले साल की तुलना में 20-25% तक अधिक, दिनभर की और ज़रूरी खबरें देखें

दिनभर की खेती किसानी से जुड़ी खबरों की न्यूज पोटली में आपका स्वागत है। चलिए देखते हैं आज की पोटली में किसानों के लिए क्या क्या नया है। 1.उत्तर प्रदेश के किसान पीएम कुसुम(PM KUSUM) योजना के तहत अपने ख

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Pooja Rai· Correspondent

26 जून 2024· 5 min read

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सब्जियों की कीमतें पिछले साल की तुलना में 20-25% तक अधिक, दिनभर की और ज़रूरी खबरें देखें

सब्जियों की कीमतें पिछले साल की तुलना में 20-25% तक अधिक, दिनभर की और ज़रूरी खबरें देखें

दिनभर की खेती किसानी से जुड़ी खबरों की न्यूज पोटली में आपका स्वागत है। चलिए देखते हैं आज की पोटली में किसानों के लिए क्या क्या नया है।

1.उत्तर प्रदेश के किसान पीएम कुसुम(PM KUSUM) योजना के तहत अपने खेतों में सोलर प्लांट(Solar Plant) लगवा सकते हैं और उससे बिजली(Electricity) पैदा कर साल का 50 लाख कमा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान(PM KUSUM) के तहत किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश में बिजली(Electricity) की कमी को दूर करने के लिये सोलराइज़ेशन(Solarisation) का काम चल रहा है। इसके तहत 1 मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट(Solar Power Plant) लगवाने के लिये 4 एकड़ ज़मीन की ज़रूरत होती है।ज़रूरी बात यह है कि यह ज़मीन विद्युत उपकेन्द्र(power substation) के 5 किमी के दायरे में होना चाहिये।

पीएम कुसुम(PM KUSUM) योजना के तहत अपने खेतों में सोलर प्लांट(Solar Plant) लगवा सकते हैं और उससे बिजली(Electricity) पैदा कर साल का 50 लाख कमा सकते हैं।इसमें किसानों को केंद्र व प्रदेश सरकार दोनों का सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही किसान चाहें तो योजना के तहत बैंक से लोन भी ले सकता है। प्रदेश में इसकी शुरुआत हो चुकी है अभी तक कुल 22 लोगों ने प्लांट लगाने की मंज़ूरी दे दी है जिसमें किसान और कृषक उत्पादक संगठन भी शामिल हैं।

2. राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने किसानों से फसलों की लागत पर सब्सिडी योजना का लाभ उठाने को कहा है। योजना के तहत अलग-अलग कमर्शियल फसलों और कार्यों के लिए 30 फीसदी से लेकर 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है।

सब्जी और फलों समेत करीब आधार दर्जन फसलों की खेती करने वाले किसानों को उनके खर्च का 50 फीसदी पैसा केंद्र सरकार दे रही है। बागवानी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसानों को कमर्शियल खेती और बागवानी क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए बोर्ड सब्सिडी स्कीम चला रहा है। बड़े स्तर पर बागवानी करने के लिए NHB किसानों की लागत का मूल्यांकन कर उन्हें सब्सिडी उपलब्ध कराएगा। वर्ष 2022-23 के दौरान योजना के तहत महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत 4 राज्यों के किसानों को 10 करोड़ से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में दी गई।

3.कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नई फसल आने तक सब्जियां महंगी रहेंगी।

इकोनॉमिक टाइम्स के एक रिपोर्ट के अनुसार मई और जून में भीषण गर्मी ने देश के अधिकांश हिस्सों में सब्जियों के उत्पादन को प्रभावित किया है। तुरई, परवल, भिंडी और पत्तेदार सब्जियों जैसी गर्मियों की आम सब्जियों की कीमतें पिछले साल की तुलना में 20-25% अधिक है।
जून में धनिया पत्ती की कीमत मई के मुकाबले दोगुनी यानी 400 रुपये प्रति किलो हो गई है। भारतीय घरों में आम सब्जी आलू, अच्छे उत्पादन के बावजूद पिछले महीने में 15% महंगा हो गया है, आम आदमी अधिक कंद खाने के लिए मजबूर है क्योंकि अन्य सब्जियों की कीमतें और भी बढ़ गई हैं।

कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि उपभोक्ताओं को अगस्त के मध्य तक अपनी दैनिक सब्जियां खरीदने के लिए अधिक भुगतान करना पड़ सकता है, जब तक नई फसल, जो अब बोई जा रही है, बाजार में आनी न शुरू हो जाये ।

और अब किसानों से लिए सबसे उपयोगी मौसम की जानाकरी

4.मौसम अपडेट :

मौसम विभाग ने आज, 26 जून 2024 के पूर्वानुमान में कहा है कि आज दोपहर के घंटों के दौरान गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश (अलग-अलग स्थानों पर कभी-कभी तीव्र बारिश) की संभावना है।

IMD ने ये अनुमान उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और मध्य भारत के लिये जारी किया है।जिनमे मुख्यतः पूर्व और उत्तर उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व उत्तराखंड, उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश, हरियाणा, सौराष्ट्र और कच्छ हैं।और पूर्वी भारतकी बात करें तो उसमे बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, दक्षिण ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।

पूर्वोत्तर भारत के लिये जारी अनुमान में मध्य असम, उत्तरी अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और त्रिपुरा के लिये और

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में आंध्र प्रदेश, केरल, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु के लिये गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश (अलग-अलग स्थानों पर कभी-कभी तीव्र बारिश) की संभावना जताई गयी है।

और आखिर में न्यूज पोटली की ज्ञान पोटली

5.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(ICAR) के कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार धान की खेती करने वाले किसानों को धान की बंपर पैदावार के लिए फसल को औसतन 20 डिग्री सेंटीग्रेट से 37 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान की जरूरत होती है।

धान किसानों को खरपतवार सांवा घास, क्रैब घास, जंगली धान, वॉटर प्रिमरोज और मारफूला सबसे ज्यादा परेशान करते हैं।
इसके लिये IFFCO का दावा है कि वह इसका पक्का इलाज ले आया है।

धान किसानों को खरपतवार सांवा घास, क्रैब घास, जंगली धान, वॉटर प्रिमरोज और मारफूला सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। इसके अलावा पौधों में लगने वाली फंगस और कीटों का प्रकोप परेशानी का कारण बनता है। इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए IFFCO, 3 उर्वरक-कीटनाशक लाया है, जिनमें ओजिका, सोकुसाई और जाकियामा शामिल हैं।
IFFCO का दावा है कि यह तीनों प्रोडक्ट धान के पौधे में लगने वाली फंगस, कीट और खरपतवार को खत्म करने में मदद करेगी और उपज में भी इजाफा होगा।

खेती किसानी की रोचक जानकारी और जरुरी मुद्दों, नई तकनीक, नई मशीनों की जानकारी के लिए देखते रहिए न्यूज पोटली।

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