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सऊदी अरब में खेत-खलिहान तक पहुंचा श्रमिक अधिकार कानून, खेत‍िहर मजदूरों के ल‍िए बड़ा फैसला

अब खेतों और पशुपालन में काम करने वाले मजदूर भी हक और सम्मान के साथ काम कर सकेंगे। सऊदी अरब सरकार ने उनके लिए ऐसा नियम लागू किया है, जो वेतन से लेकर काम के घंटे, छुट्टियों और आराम तक हर मोर्चे पर सुरक्

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NP· Correspondent

15 दिसंबर 2025· 3 min read

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सऊदी अरब में खेत-खलिहान तक पहुंचा श्रमिक अधिकार कानून, खेत‍िहर मजदूरों के ल‍िए बड़ा फैसला

सऊदी अरब में खेत-खलिहान तक पहुंचा श्रमिक अधिकार कानून, खेत‍िहर मजदूरों के ल‍िए बड़ा फैसला

अब खेतों और पशुपालन में काम करने वाले मजदूर भी हक और सम्मान के साथ काम कर सकेंगे। सऊदी अरब सरकार ने उनके लिए ऐसा नियम लागू किया है, जो वेतन से लेकर काम के घंटे, छुट्टियों और आराम तक हर मोर्चे पर सुरक्षा देता है। नए कानून के बाद खेत, अस्तबल और निजी घरों में काम करने वाले कर्मचारियों की जिंदगी और हालात में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।

सऊदी अरब ने खेती और पशुपालन में काम करने वाले मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे उन्हें सही वेतन, आराम और काम करने के हालात मिलेंगे। ह्यूमन रिसोर्स और सोशल डेवलपमेंट मिनिस्टर अहमद अल-राजी ने नए नियमों को मंज़ूरी दी है जो प्राइवेट घरों, खेतों और जानवरों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों को पूरी सुरक्षा देते हैं, ताकि उनके काम में साफ-सफाई और निष्पक्षता आए। इन नियमों के तहत मजदूरों को हर साल कम से कम 30 दिन की पेड सालाना छुट्टी म‍िलेगी और अगर छुट्टी लेने से पहले कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाता है तो उन्हें पैसे भी मिलते हैं। पेड छुट्टियों में रमजान से शुरू होने वाली ईद-उल-फ़ित्र के लिए चार दिन, साथ ही नेशनल डे और स्थापना दिवस शामिल हैं। रोज का काम आठ घंटे तक सीमित है। अगर लगातार पांच घंटे से ज्‍यादा काम करना हो तो आराम और खाने के लिए कम से कम आधे घंटे का ब्रेक जरूरी है। हफ्ते में कम से कम 24 घंटे के आराम के दिन जरूरी हैं और अगर काम आम छुट्टी के दिन पड़ता है तो एक और दिन दिया जाएगा।

ओवरटाइम के लिए बेसिक सैलरी का 50 परसेंट मिलता है, हालांकि ऑफिशियल छुट्टियों पर काम करना ओवरटाइम नहीं माना जाता है। एम्प्लॉयर 21 साल से कम उम्र के वर्कर को काम पर नहीं रख सकते, उन्हें एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट या प्रोफेशन के बाहर काम नहीं दे सकते, या उनसे दूसरों के लिए या पर्सनल काम पर काम नहीं करवा सकते।

ये भी पढ़ें- यूपी के इन 17 जिलों में खुलेंगे 50 उड़द खरीद केंद्र, जानिए कितनी है MSP?

90 दिनों तक के प्रोबेशन पीरियड की इजाजत है। इस दौरान कोई भी पार्टी बिना किसी कम्पेनसेशन के कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर सकती है, लेकिन इसे उसी एम्प्लॉयर के साथ दोहराया नहीं जा सकता। नियम एम्प्लॉयर के लिए साफ ज‍िम्मेदारियां भी तय करते हैं। अगर घर काम की जगह से दूर है तो उन्हें रहने की सही जगह, खाना या अलाउंस और ट्रांसपोर्टेशन देना होगा। एम्प्लॉयर वीजा, रेज‍िडेंसी परमिट, या इससे जुड़े प्रोसीजर के लिए चार्ज नहीं ले सकते, न ही पासपोर्ट या पर्सनल सामान रख सकते हैं। वर्कर की मौत होने पर, एम्प्लॉयर को दफनाने या वापस लाने का खर्च उठाना होगा। वर्कर को परिवार से बात करने की इजाजत होनी चाहिए और उन्हें रिक्रूटमेंट फीस देने की जरूरत नहीं है। एम्प्लॉई से उम्मीद की जाती है कि वे काम के शेड्यूल का सख्ती से पालन करें, काम को लगन से करें, समय पर रहें, कॉन्फिडेंशियल जानकारी को सुरक्षित रखें, और कॉन्ट्रैक्ट के दौरान या बाद में दूसरी नौकरी से बचें, ताकि एक प्रोफेशनल और सुरक्षित वर्किंग रिलेशनशिप पक्का हो सके।

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