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यूपीएग्रीज परियोजना से कृषि क्षेत्र में होगा बदलाव, महिला किसानों को भी मिलेगा इसका लाभ , जानिए क्या है यूपी सरकार का प्लान

राज्य सरकार उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल इंटरप्राइजेज ईकोसिस्टम स्ट्रेंथिंग (यूपीएग्रीज) परियोजना की शुरुआत करने जा रही है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादन को बढ़ाने के साथ साथ कृषि से जुड़े उद्य

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Pooja Rai· Correspondent

6 अगस्त 2024· 3 min read

cm yogi adityanathkheti kisaniNews Potli
यूपीएग्रीज परियोजना से कृषि क्षेत्र में होगा बदलाव, महिला किसानों को भी मिलेगा इसका लाभ , जानिए क्या है यूपी सरकार का प्लान

यूपीएग्रीज परियोजना से कृषि क्षेत्र में होगा बदलाव, महिला किसानों को भी मिलेगा इसका लाभ , जानिए क्या है यूपी सरकार का प्लान

राज्य सरकार उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल इंटरप्राइजेज ईकोसिस्टम स्ट्रेंथिंग (यूपीएग्रीज) परियोजना की शुरुआत करने जा रही है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादन को बढ़ाने के साथ साथ कृषि से जुड़े उद्योग को बढ़ावा देना है।विश्व बैंक की सहायता से शुरू हो रही यह परियोजना किसान, कृषक उत्पादक संगठन और कृषि उद्यमियों को हर संभव तकनीकी सहायता तथा इंफ्रास्ट्रक्चर की सुलभता मुहैया कराएगी।

उत्तर प्रदेश में कृषि सेक्टर के कायाकल्प और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल इंटरप्राइजेज ईकोसिस्टम स्ट्रेंथिंग (यूपीएग्रीज) की शुरुआत करने जा रही है। योजना का उद्देश्य उत्पादन को बढ़ाना है इसके साथ ही मूंगफली, मिर्च और हरी मटर जैसी फसलों के क्रॉप क्लस्टर और इनसे जुड़े उद्योगों के नए क्लस्टरों के विकास और एक्सपोर्ट को बढ़ाना है। सरकार न केवल किसानों को विभिन्न देशों में भेजकर नई तकनीक का प्रशिक्षण दिलाएगी, बल्कि कृषि सेक्टर का वित्त पोषण भी करेगी।

उत्तर प्रदेश में 76% जमीन पर होती है खेती
सोमवार को विश्व बैंक के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि 187.70 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि के साथ उत्तर प्रदेश एक मात्र राज्य है जहां कुल उपलब्ध भूमि के 76% फीसदी पर खेती की जाती है। योगी ने कहा कि मैनपॉवर हो या शुद्ध जल की उपलब्धता या विविध क्लाइमेटिक ज़ोन, उत्तर प्रदेश में हर वह पोटेंशियल है जो इसे देश के कृषि सेक्टर का पॉवरहाउस बनाता है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास सिंचित भूमि का कवरेज भी 86% से अधिक है।बताया कि पिछले 7 वर्षों में नियोजित प्रयासों से प्रदेश में विभिन्न फसलों की उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बुंदेलखंड, पूर्वांचल तथा विंध्य क्षेत्र में अब भी बहुत कुछ किये जाने की आवश्यकता है।उत्तर प्रदेश को 9 एग्रो क्लाइमेटिक ज़ोन का लाभ प्राप्त होता रहा है। इस नई परियोजना में इन क्लाइमेटिक जोन के आधार पर फसल उत्पादन एवं अन्य कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने की रणनीति अपनाई जानी चाहिए।

बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए नई पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश राज्य की कुल जनसंख्या में 40%-40% की भागीदारी रखते हैं, लेकिन जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रदेश के कृषि उत्पादन में 50% का योगदान है वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश का योगदान मात्र 28% है। इसी प्रकार, उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या का 7% बुंदेलखंड में निवास करती है, जबकि कृषि उत्पादन में इस क्षेत्र का योगदान मात्र 5.5% है। परियोजना अंतर्गत हमारा उद्देश्य हो कि चयनित क्षेत्रों में कृषि खाद्य प्रणाली को जलवायु सहिष्णु और व्यावसायिक रूप से विकसित किया जाए।

ये भी पढ़ें -रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना का लाभ, किसानों को इस फसल पर मिलेगा 1000 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस

जेवर एयरपोर्ट के पास एक्सपोर्ट हब की स्थापना
उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के पास एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जाए। कृषि में ऋण प्रवाह को बढ़ाने की आवश्यकता है, साथ ही कृषि एवं प्रसंस्करण में महिला समूहों की भागीदारी भी बढ़ने के प्रयास होने चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परियोजना के तहत विशिष्ट उत्पादों के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का विकास, आपूर्ति शृंखला को सुदृढ करने तथा बाजार मानकों के अनुरूप फसल की गुणवत्ता में सुधार के प्रयास भी किये जाने चाहिए।

30% महिला किसानों को भी मिलेगा इसका लाभ
करीब 4000 करोड़ रुपए की इस परियोजना का सीधा लाभ कृषक, कृषक समूहों, मत्स्य पालकों और कृषि सेक्टर से जुड़ी एमएसएमई इकाइयों को होगा।यूपीएग्रीज परियोजना, पूर्वी उत्तर प्रदेश के 21 तथा बुंदेलखंड के 7 जिलों में संचालित की जाएगी। परियोजना के माध्यम से 10 लाख किसानों को प्रत्यक्ष सहायता मिलेगी, जिनमें से 30% महिला किसान होगी।

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