Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. भारत दुनिया का सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक, सरकार ने किसानों के लिए उठाए बड़े कदम
एग्री बुलेटिन

भारत दुनिया का सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक, सरकार ने किसानों के लिए उठाए बड़े कदम

भारत दुनिया का सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक देश है और कुल उत्पादन में 63% हिस्सेदारी रखता है। राज्यों में कर्नाटक अकेले 10 लाख टन सुपारी उगाकर पहले स्थान पर है। देश में सुपारी का मूल्य 58,664 करोड़ रुपये

NP

Pooja Rai· Correspondent

25 अगस्त 2025· 3 min read

agriculture newsareca nutbetel nut
भारत दुनिया का सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक, सरकार ने किसानों के लिए उठाए बड़े कदम

भारत दुनिया का सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक, सरकार ने किसानों के लिए उठाए बड़े कदम

भारत दुनिया का सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक देश है और कुल उत्पादन में 63% हिस्सेदारी रखता है। राज्यों में कर्नाटक अकेले 10 लाख टन सुपारी उगाकर पहले स्थान पर है। देश में सुपारी का मूल्य 58,664 करोड़ रुपये आँका गया है और 400 करोड़ रुपये की सुपारी विदेशों में निर्यात हुई। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और बीमारियों से बचाव के लिए योजनाएँ चला रही है और आयात पर सख़्ती बनाई हुई है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक देश है और वैश्विक उत्पादन में हमारी हिस्सेदारी करीब 63% है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2023-24 में देश में 9.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से लगभग 14 लाख टन सुपारी का उत्पादन हुआ। अकेले कर्नाटक ने 6.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से 10 लाख टन उत्पादन कर पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद केरल, असम, मेघालय, मिजोरम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु का नंबर आता है। देश में उत्पादित सुपारी का मूल्य मौजूदा कीमतों पर लगभग 58,664 करोड़ रुपये है और करीब 60 लाख लोग इसकी खेती पर निर्भर हैं।

निर्यात भी बेहतर
निर्यात के मामले में भी भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। पीआईबी के मुताबिक वर्ष 2023-24 में देश ने 10,637 टन सुपारी का निर्यात किया, जिसकी कीमत लगभग 400 करोड़ रुपये रही। भारतीय सुपारी की सबसे ज्यादा मांग यूएई, वियतनाम, नेपाल, मलेशिया और मालदीव जैसे देशों में है।

सरकार का सहयोग
सुपारी किसानों को सहयोग देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सुपारी आयात पर 100% शुल्क लगाया गया है, वहीं एमआईपी को बढ़ाकर 351 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। सरकार ने सुपारी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एफएसएसएआई और सीमा शुल्क अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए हैं।

ये भी पढ़ें - पटना, रायपुर और देहरादून में खुलेंगे APEDA के नए ऑफिस, किसानों को होगा फायदा

बीमारियों पर रिसर्च
किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय वैज्ञानिक समिति बनाई है, जो पीली पत्ती रोग (YLD) और लीफ स्पॉट रोग (LSD) जैसी बीमारियों पर रिसर्च कर रही है। इसके लिए कर्नाटक को 2024-25 में 3700 लाख रुपये, और 2025-26 में 860.65 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, LSD प्रबंधन के लिए 50 हेक्टेयर क्षेत्र में वैज्ञानिक कार्यक्रम भी चल रहा है, जिसकी लागत लगभग 6.3 करोड़ रुपये है।इतना ही नहीं, सरकार ने सुपारी और मानव स्वास्थ्य पर साक्ष्य-आधारित अनुसंधान के लिए भी एक विशेष परियोजना शुरू की है, जिसमें 16 एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। इसके लिए लगभग 10 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— भारत दुनिया का सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक, सरकार ने किसानों के लिए उठाए बड़े कदम

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs