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ठंड बढ़ते ही रबी फसलों के लिए अलर्ट, कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की एडवाइजरी

बिहार में बढ़ती ठंड को देखते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने दिसंबर के लिए किसानों को एडवाइजरी जारी की है। वैज्ञानिकों ने गेहूं की बुआई 25 दिसंबर तक पूरी करने, राई और मक्का में सही दूरी व संतुलि

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Pooja Rai· Correspondent

25 दिसंबर 2025· 3 min read

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ठंड बढ़ते ही रबी फसलों के लिए अलर्ट, कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की एडवाइजरी

ठंड बढ़ते ही रबी फसलों के लिए अलर्ट, कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की एडवाइजरी

बिहार में बढ़ती ठंड को देखते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने दिसंबर के लिए किसानों को एडवाइजरी जारी की है। वैज्ञानिकों ने गेहूं की बुआई 25 दिसंबर तक पूरी करने, राई और मक्का में सही दूरी व संतुलित खाद देने की सलाह दी है। सब्जियों, खासकर टमाटर में कीटों पर निगरानी रखने और समय पर नियंत्रण करने को कहा गया है।

बिहार में मौसम का मिज़ाज तेजी से बदल रहा है और ठंड का असर अब खेती पर भी दिखने लगा है। एक ओर राज्य में गेहूं की पछेती बुआई अंतिम दौर में पहुंच चुकी है, तो दूसरी ओर पहले से बोई गई रबी फसलों में सिंचाई और उर्वरक देने का काम जारी है। बढ़ती ठंड के कारण कई फसलों में रोग और नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है, जिसे देखते हुए किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने दिसंबर महीने के लिए किसानों को जरूरी सलाह जारी की है। इसमें गेहूं, राई, मक्का और सब्जियों की फसलों को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

गेहूं की बुआई में अब देरी नहीं
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन किसानों ने अभी तक गेहूं की बुआई नहीं की है, उन्हें अब और इंतजार नहीं करना चाहिए। 25 दिसंबर तक बुआई पूरी कर लेना जरूरी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसके बाद गेहूं बोने पर पैदावार में गिरावट आ सकती है।
खेतों में खरपतवार की समस्या से बचने के लिए पहली सिंचाई के बाद सल्फोसल्फ्यूरान 33 ग्राम और मेट्सल्फ्यूरान 20 ग्राम प्रति हेक्टेयर की मात्रा 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

राई और मक्का की खेती में रखें संतुलन
वैज्ञानिकों ने बताया कि 20 से 25 दिन की राई की फसल में निकौनी और बछनी कर पौधों के बीच सही दूरी बनाए रखना जरूरी है। इससे पौधों की बढ़वार बेहतर होती है। वहीं, जल्दी बोई गई रबी मक्का की 50 से 55 दिन की फसल में प्रति हेक्टेयर 50 किलो नाइट्रोजन डाल सकते हैं। साथ ही मिट्टी चढ़ाने का काम शुरू कर दें।

ये भी पढ़ें - सर्दियों में गन्ने की धीमी बढ़वार: घबराने की ज़रूरत नहीं, जानिए क्या कहते हैं वैज्ञानिक ?

सब्जियों में कीट और रोगों पर रखें नजर
इस मौसम में टमाटर की फसल में फल छेदक कीट का खतरा बढ़ जाता है। यह कीट फल के अंदर घुसकर उसे खराब कर देता है। इससे बचाव के लिए खेत में पक्षियों के बैठने की व्यवस्था करें। अगर कीट दिखाई दे, तो पहले खराब फलों को तोड़कर नष्ट करें।इसके बाद स्पिनोसैड 48 ई.सी. की 1 मिलीलीटर मात्रा को 4 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

प्याज और लहसुन के लिए सही समय
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर प्याज की नर्सरी 50 से 55 दिन की हो चुकी है तो अब पौधों की रोपाई का सही समय है। वहीं, लहसुन की फसल में निराई-गुड़ाई शुरू कर देनी चाहिए।मतलब वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की है कि बढ़ती ठंड को देखते हुए खेती के सभी काम समय पर पूरे करें और फसलों की लगातार निगरानी करते रहें, ताकि नुकसान से बचा जा सके।

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