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कृषि ऋण में छूट देगी बिहार सरकार, जानें पात्रता

आपको एक आंकड़ा बताते हैं. परेशान करने वाला आंकड़ा है ये. पिछले साल 4 दिसम्बर को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने ये डेटा जारी किया था. इसके अनुसार साल 2022 में 11 हज़ार से ज़्यादा किसानों ने आत्महत्या की. स

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Indal· Correspondent

8 जुलाई 2024· 3 min read

कृषि ऋण में छूट देगी बिहार सरकार, जानें पात्रता

कृषि ऋण में छूट देगी बिहार सरकार, जानें पात्रता

आपको एक आंकड़ा बताते हैं. परेशान करने वाला आंकड़ा है ये. पिछले साल 4 दिसम्बर को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने ये डेटा जारी किया था. इसके अनुसार साल 2022 में 11 हज़ार से ज़्यादा किसानों ने आत्महत्या की. साल 2021 में आत्महत्या से मरने वाले किसानों की संख्या दस हज़ार से ऊपर थी. NCRB के ही आंकड़े के अनुसार देश मे हर रोज़ 154 किसान और मज़दूर हर रोज़ आत्महत्या कर रहे हैं.

लेकिन हम आपको ये आंकड़े क्यों बता रहे हैं? इसलिए क्योंकि इन आत्महत्याओं की बड़ी वजह किसानों के कर्ज से जुड़ी खबर बतानी है. ख़बर बिहार की है. बिहार सरकार ने ये फैसला लिया है कि सरकार किसानों को दिए जा रहे फार्मिंग लोन पर लगने वाले ब्याज में राहत देगी.

साल 2024-25 में दिए जाने वाले कृषि लोन पर 1 परसेंट का ब्याज अनुदान देने के लिए बिहार के कृषि मंत्रालय और नाबार्ड ने एक एमओयू साइन किया है. शुरुआती तौर पर इसके लिए बिहार सरकार ने 10 करोड़ रुपए भी सैंक्शन कर दिए हैं.

कैसे और कौन होंगे योजना के पात्र

इस योजना के तहत बिहार सरकार किसानों को कॉमर्शियल, रूरल और सहकारी बैंकों से दिए जा रहे 3 लाख रुपए तक के लोन पर सब्सिडी देगी. सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगी. फसल ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड और छोटे समय के लिए लिए जाने वाले कृषि उत्पादन ऋण का इस्तेमाल कर रहे किसान भी इस योजना के पात्र होंगे.

जिन किसानों ने 1 अप्रैल 2024 या उसके बाद लोन लिया है वही इस योजना के पात्र होंगे. इससे पहले जिन भी किसानों ने लोन लिया है वो इसके अंतर्गत नहीं आएंगे. इसके अलावा किसानों के साथ काम कर रहीं कंपनी और पार्टनरशिप कंपनियां इस योजना के अंतर्गत नहीं आएंगी.

यह भी पढ़ें- जून में धान की बुवाई सामान्‍य से 94 फीसदी कम, दाल, तिलहन और कपास का भी रकबा घटा

सरकार का उद्देश्य

बिहार के कृषि मंत्री मंगल पांडे ने कहा है कि इस योजना का उद्देश्य किसानों पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करना है. सरकार लोन के जरिये फसल उगा रहे किसानों को हतोत्साहित नहीं देखना चाहती और यह योजना उन्हीं किसानों का मनोबल बढ़ाने के लिए है.

आपको बता दें कि बिहार और केंद्र सरकार पहले ही किसानों को लोन देने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की योजना चला रही है. इसके तहत किसानो को बैंको द्वारा सस्ते ब्याज मे लोन उपलब्ध कराया जाता है. पहले इस योजना को भारत सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और नाबार्ड ने मिलकर 1998 मे शुरू किया था. बाद में बिहार सरकार ने भी इस योजना को आगे बढाया.
बिहार में किसान क्रेडिट कार्ड योजना 2022-23 के तहत किसानो को मात्र 4% ब्याज दर पर 3 लाख रुपए तक का लोन दिया गया था और अब सरकार की इस सब्सिडी योजना के बाद उन्हें यह लोन 3 परसेंट में मिला करेगा.

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