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किसान आंदोलन के बीते 13 महीने में क्या-क्या हुआ?

पंजाब पुलिस ने 13 महीने से अधिक समय से शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों को हटा दिया है। किसानों ने एमएसपी सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरना शुरू किया था। अब तक सरकार और किसान नेताओं के बीच क

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Pooja Rai· Correspondent

20 मार्च 2025· 3 min read

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किसान आंदोलन के बीते 13 महीने में क्या-क्या हुआ?

किसान आंदोलन के बीते 13 महीने में क्या-क्या हुआ?

पंजाब पुलिस ने 13 महीने से अधिक समय से शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों को हटा दिया है। किसानों ने एमएसपी सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरना शुरू किया था। अब तक सरकार और किसान नेताओं के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं लेकिन कोई हल नहीं निकला। बीते दिन 19 मार्च को भी बैठक थी, जो बेनतीजा रही। जिसकी जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया को दी और कहा कि किसानों के साथ अच्छे माहौल में बैठक हुई गई। अब 4 मई को अगली बैठक करेंगे।

लेकिन बैठक ख़त्म होने के तुरंत बाद ही पंजाब क्षेत्र में प्रवेश करते ही जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर सहित कई एसकेएम और केएमएम नेताओं हिरासत में ले लिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि इसकी रणनीति पंजाब पुलिस ने पहले से ही तैयार कर ली गई थी। इस कार्रवाई की जिम्मेदारी मोहाली पुलिस को सौंपी गई थी, जो सुबह से ही इस योजना पर काम कर रही थी। पुलिस ने बुधवार को लगभग शाम साढ़े पांच बजे मोहाली में किसानों की धरपकड़ शुरू की।

ये भी पढ़ें - सरकार और किसान नेताओं के बीच बैठक बेनतीजा रही, अगली बैठक 4 मई को तय

इस दिन शुरू हुआ था आंदोलन
13 फरवरी 2024: किसान इस दिन से ही शंभु और ख़नौरी बॉर्डर पर एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी के अलावा, किसान कर्ज माफी, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं करने, किसानों के खिलाफ पुलिस मामलों को वापस लेने, उत्तर प्रदेश में 2021 लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय, भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 को बहाल करने और 2020-21 में पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग के लिए आंदोलन कर रहे हैं।

कब क्या हुआ?
21 फरवरी 2024: किसानों ने दिल्ली जाने की कोशिश की। टकराव में बठिंडा के किसान शुभकरण की मौत हुई।

17 अप्रैल 2024: गिरफ्तार किसानों की रिहाई की मांग को लेकर किसान रेलवे ट्रैक जाम कर बैठ गए।20 मईः किसानों ने रेलवे लाइन से हटने का फैसला लिया, लेकिन बॉर्डरों पर मोर्चा चलता रहा।

10 जुलाई 2024: हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को शंभू बॉर्डर एव सप्ताह में खोलने के आदेश दिए।

16 जुलाई 2024: किसानों ने चंडीगढ़ में मीटिंग की। कहा, बॉर्डर खुला तो वह फिर से दिल्ली की तरफ कूच करेंगे।

25 अगस्त2024: शंभू बॉर्डर खोलने पर किसानों और पंजाब हरियाणा के पुलिस अधिकारियों की बैठक विफल।

18 नवंबर 2024: किसानों ने 6 दिसंबर को दिल्ली कूच का एलान किया।

26 नवंबर 2024: किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया, आमरण अनशन शुरू।

6 दिसंबर 2024: शंभू बॉर्डर से दिल्ली कूच करने की कोशिश की। हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस से खदेड़ा।

8 दिसंबर 2024: फिर दिल्ली कूच की कोशिश की। हरियाणा पुलिस ने एंट्री नहीं दी। किसान लौटे।

14 दिसंबर 2024: किसानों ने चौथी बार दिल्ली मार्च की कोशिश की। हरियाणा पुलिस के रोकने पर मार्च टाल दिया गया।

30 दिसंबर 2024: आंदोलन के समर्थन में किसानों ने पंजाब बंद किया।

12 फरवरी 2025: एक वर्ष पूरे होने पर खनौरी बॉर्डर पर किसानों ने की महापंचायत।

14 फरवरी 2025: केंद्र के साथ किसान नेताओं की बैठक।

22 फरवरी 2025: किसानों नेताओं की केंद्र के साथ बैठक बेनतीजा रही।

19 मार्च 2025: किसानों नेताओं की केंद्र के साथ बैठक बेनतीजा रही।

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