Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. 'आसियान-भारत फेलोशिप' की शुरुआत, कृषि क्षेत्र में पढ़ाई-रिसर्च की राह होगी आसान
एग्री बुलेटिन

'आसियान-भारत फेलोशिप' की शुरुआत, कृषि क्षेत्र में पढ़ाई-रिसर्च की राह होगी आसान

केंद्रीय कृष‍ि मंत्री श‍िवराज स‍िंह चौहान ने पूसा, द‍िल्ली में आयोज‍ित एक कार्यक्रम में ‘आसियान-भारत फेलोशिप’ लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसके प

NP

Pooja Rai· Correspondent

15 अगस्त 2024· 3 min read

agriculture ministerASEAN-India FellowshipHigher Education in Agriculture and Allied Sciences today
'आसियान-भारत फेलोशिप' की शुरुआत, कृषि क्षेत्र में पढ़ाई-रिसर्च की राह होगी आसान

'आसियान-भारत फेलोशिप' की शुरुआत, कृषि क्षेत्र में पढ़ाई-रिसर्च की राह होगी आसान

केंद्रीय कृष‍ि मंत्री श‍िवराज स‍िंह चौहान ने पूसा, द‍िल्ली में आयोज‍ित एक कार्यक्रम में ‘आसियान-भारत फेलोशिप’ लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसके प्राण हैं। आज भी हमारी बड़ी आबादी खेती से ही रोजगार प्राप्त करती है। आज कृषि के सामने जलवायु परिवर्तन सहित कई चुनौतियां हैं। भारत ने हमेशा से कृषि को प्रधानता दी है। समस्याओं के समाधान में कृषि शिक्षा की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार ने पिछले कुछ समय में कृषि शिक्षा पर बहुत ध्यान दिया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि तथा सम्बद्ध विज्ञान में उच्च शिक्षा के लिए बुधवार को पूसा, द‍िल्ली में आयोज‍ित एक कार्यक्रम में ‘आसियान-भारत फैलोशिप’ लॉन्च की। इसके अंतर्गत शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से कृषि और सम्बद्ध व‍िषयों में मास्टर डिग्री के लिए आसियान सदस्य देशों के छात्रों को 50 फेलोशिप (प्रति वर्ष 10) दी जाएंगी। और पहले बैच के लिए 27 अगस्त अंतिम तारीख़ है। यह परियोजना 5 साल के लिए आसियान-भारत कोष के तहत मंजूर की गई है, जिसमें फेलोशिप, प्रवेश शुल्क और रहने का खर्च शामिल है। ICAR कन्वेंशन सेंटर, पूसा, नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम चौहान ने आसियान देशों का जिक्र करते हुए कहा कि हम सब एक हैं और एक-दूसरे के बिना हमारा काम नहीं चल सकता।
इस फेलोशिप का उद्देश्य आसियान छात्रों को शीर्ष भारतीय कृषि विश्वविद्यालयों में अत्याधुनिक शोध से परिचित कराना है। भारत के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में नेताजी सुभाष फेलोशिप और भारत-अफ्रीका फेलोशिप शामिल हैं। वर्तमान में, लगभग 135 विदेशी छात्र भारतीय कृषि संस्थानों में डिग्री प्राप्त कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें -नमक और चीनी के बहाने प्लास्टिक खा रहे हैं आप,स्टडी में दावा

कृष‍ि मंत्री ने कहा कि भारतीय कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा पेश किए जाने वाले मास्टर्स प्रोग्राम छात्रों को अत्याधुनिक शोध से परिचित कराएंगे, उन्हें भविष्य के इनोवेशन के ल‍िए तैयार करेंगे। यह पहल भारत को कृषि से संबंधित मुद्दों को बेहतर तरीके से समझने में मदद कर सकती है।
कृष‍ि मंत्री ने आगे कहा कि भारत और आसियान के सदस्य देशों के बीच कृषि सहयोग की अपार संभावनाएं हैं, क्योंकि आसियान व भारत कृषि-जलवायु क्षेत्रों के मामले में बहुत समानताएं साझा करते हैं। अब कृषि और वानिकी में आसियान-भारत सहयोग के लिए कृषि व सम्बद्ध विज्ञान में उच्च शिक्षा के लिए आसियान-भारत फेलोशिप आरंभ की जा रही है।

आपको बता दें कि आस‍ियान (ASEAN-Association of Southeast Asian Nations) दस देशों का एक समूह है जिसमें कंबोडिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, लाओस, ब्रुनेई, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर और वियतनाम देश शाम‍िल हैं। फेलोशिप से आसियान राष्ट्रीयता के छात्रों को ICAR व कृषि विश्वविद्यालय प्रणालियों के तहत सर्वश्रेष्ठ भारतीय कृषि विश्वविद्यालयों में, जरूरत अनुसार, पहचाने गए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कृषि व सम्बद्ध विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के ल‍िए सहायता दी जाएगी।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— 'आसियान-भारत फेलोशिप' की शुरुआत, कृषि क्षेत्र में पढ़ाई-रिसर्च की राह होगी आसान

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs