मौसम विभाग ने केरल, कोस्टल कर्नाटक और नॉर्थ इंटीरियर कर्नाटक में आज बहुत तेज बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है। साथ ही साउथ इंटीरियर कर्नाटक और मराठवाड़ा में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम मध्य प्रदेश, असम और मेघालय में भी तेज बारिश (Rain Alert) की संभावना है।
IMD के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार पश्चिम राजस्थान में आज (8 June 2024 ) धूल भरा तूफान (Dust Storm) और साथ ही यहां बिजली कड़कने का भी अनुमान है। वहीं दूसरी ओर पूर्व मध्य प्रदेश, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्व उत्तर प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में आज के लिये Heatwave का अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून की बात करें तो मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत और सेंट्रल इंडिया में मानसून के पहुंचने में देरी हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे दक्षिणी भारत के अधिकांश हिस्सों में आगे बढ़ रहा है। यह दो सप्ताह में मजबूत हो जाएगा लेकिन मध्य और उत्तर भारत तक पहुंचने में देरी कर सकता है।
Weather Update: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, धूल भरी तूफान का हाई अलर्ट, जानिए अपने शहर का मौसम
मौसम विभाग ने केरल, कोस्टल कर्नाटक और नॉर्थ इंटीरियर कर्नाटक में आज बहुत तेज बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है। साथ ही साउथ इंटीरियर कर्नाटक और मराठवाड़ा में भी मूसलाधार बारिश का अ
Pooja Rai·08 Jun 2024· 1 min read

Weather Update: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, धूल भरी तूफान का हाई अलर्ट, जानिए अपने शहर का मौसम

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मौसम विभाग की चेतावनी, किसान नोट कर लें ये सलाह
आने वाला सप्ताह किसानों के लिए भारी पड़ सकता है। खासकर धान बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए। मौसम विभाग ने किसानों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

देश में सामान्य से 15% कम हुई मानसूनी बारिश
पूरे देश में लद्दाख में सामान्य से 112 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि मेघालय में सामान्य से 61 फीसदी कम बारिश हुई। कुल बारिश की मात्रा के हिसाब से गोवा में सबसे ज्यादा 196.68 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, पंजाब में सिर्फ 28 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो राज्यों में सबसे कम रही।

महाराष्ट्र में सूखे का संकट: किसानों को 6 से 8 महीने तक राहत देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई छोटे गांवों में जलस्रोत सूख गए हैं। ऐसे इलाकों में टैंकरों के जरिए बड़े पैमाने पर पानी पहुंचाना पड़ सकता है। टैंकरों से होने वाली जलापूर्ति को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए तकनीक आधारित योजना तैयार की जा रही है।
