देश के कई राज्यों में अभी गर्मी चरम पर है। मौसम विभाग ने भी देश के कई हिस्सों में अगले चार-पांच दिनों तक लू से राहत नहीं मिलने की बात कही है।
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार-पांच दिनों में, भारत के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 11 से 14 जून तक heatwave का असर देखा जा सकता है। इन चार दिनों में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी जबकि देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान स्थिर रहने की उम्मीद है।
मानसून की बात करें तो IMD ने कहा है कि आने वाले 48 घंटो में मॉनसून गुजरात के दक्षिण तट पर पहुंच सकता है। मुंबई की तरह गुजरात में भी मानसून का आगम समय से पहले देखने को मिल सकता है। ज़्यादातर गुजरात में मॉनसून की शुरुआत 20 जून के बाद होती है लेकिन मौसम विभाग ने अगले 48 घंटो में ही मॉनसून पहुँचने का अनुमान जताया है। गुजरात में इस वक्त प्री-मॉनसून एक्टिविटी चल रही है, जिसके चलते कई इलाकों में अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने भी सौराष्ट्र, मध्य और दक्षिण गुजरात में 11 से 13 जून तक बारिश होने की संभावना जतायी है। पूर्वानुमान के अनुसार गुजरात के कई इलाकों में आज बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
Weather update: उत्तर भारत में अभी जारी रहेगी heatwave की लहर, गुजरात में मानसून का आगमन
देश के कई राज्यों में अभी गर्मी चरम पर है। मौसम विभाग ने भी देश के कई हिस्सों में अगले चार-पांच दिनों तक लू से राहत नहीं मिलने की बात कही है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार-पांच दिनों में, भार
Pooja Rai·11 Jun 2024· 2 min read

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मौसम विभाग की चेतावनी, किसान नोट कर लें ये सलाह
आने वाला सप्ताह किसानों के लिए भारी पड़ सकता है। खासकर धान बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए। मौसम विभाग ने किसानों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

देश में सामान्य से 15% कम हुई मानसूनी बारिश
पूरे देश में लद्दाख में सामान्य से 112 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि मेघालय में सामान्य से 61 फीसदी कम बारिश हुई। कुल बारिश की मात्रा के हिसाब से गोवा में सबसे ज्यादा 196.68 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, पंजाब में सिर्फ 28 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो राज्यों में सबसे कम रही।

महाराष्ट्र में सूखे का संकट: किसानों को 6 से 8 महीने तक राहत देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई छोटे गांवों में जलस्रोत सूख गए हैं। ऐसे इलाकों में टैंकरों के जरिए बड़े पैमाने पर पानी पहुंचाना पड़ सकता है। टैंकरों से होने वाली जलापूर्ति को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए तकनीक आधारित योजना तैयार की जा रही है।
