रायबरेली: उत्तर प्रदेश में सरकार की कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़ी योजनाएं युवाओं को स्वरोजगार की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इसी का एक उदाहरण हैं रायबरेली में मछली पालन का सफल कारोबार चला रहे सुजीत चौधरी, जिन्होंने इंजीनियर की नौकरी छोड़कर मत्स्य पालन को अपना व्यवसाय बनाया और आज कई किसानों को भी इससे जोड़कर रोजगार दे रहे हैं।
अमेरिका से लौटकर शुरू किया नया सफर
सुजीत चौधरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने 2005 में बीटेक की पढ़ाई पूरी की और एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की। साल 2007 में कंपनी के काम से वे अमेरिका गए, जहां करीब 9 साल तक काम किया। भारत लौटने के बाद उन्होंने नोएडा में एक सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू की। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने गांव में कृषि आधारित कारोबार शुरू करने का फैसला किया और मछली पालन को चुना।

10 हेक्टेयर में 23 तालाब, हर साल 500-600 टन मछली का उत्पादन
सुजीत ने 2019 में रायबरेली के महाराजगंज क्षेत्र के बल्ला गांव में करीब 10 हेक्टेयर जमीन लीज पर लेकर मछली पालन शुरू किया। आज उनके पास 23 तालाब हैं, जिनमें व्यावसायिक स्तर पर मछली पालन किया जाता है। यहां हर साल करीब 500 से 600 टन मछली का उत्पादन और बिक्री होती है।
50 से ज्यादा किसानों को भी जोड़ा
सुजीत सिर्फ अपना कारोबार ही नहीं बढ़ा रहे, बल्कि 50 से ज्यादा किसानों को भी मछली पालन से जोड़ चुके हैं। इससे किसानों की आय बढ़ रही है। उन्होंने बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय सीधे ग्राहकों तक अपनी मछली पहुंचाने का मॉडल अपनाया है। इसके अलावा वे समुद्री झींगा (श्रिम्प) पालन पर भी काम कर रहे हैं।

सरकारी योजना से मिला सहारा
सुजीत को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2021 में 8.50 लाख रुपये का अनुदान मिला। उनका कहना है कि इस मदद से उन्हें अपने कारोबार को बढ़ाने में काफी सहयोग मिला।
अब बनेगा फिश हब और ट्रेनिंग सेंटर
अब सुजीत एक आधुनिक फिश हब बनाने की तैयारी कर रहे हैं। यहां मछली पालन से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं, प्रयोगशाला और प्रशिक्षण केंद्र भी होगा। इससे स्थानीय युवाओं को मछली पालन की तकनीक सीखने और स्वरोजगार शुरू करने का मौका मिलेगा।
सुजीत चौधरी की यह कहानी बताती है कि अगर सही योजना, नई तकनीक और मेहनत का साथ मिले, तो खेती और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी बड़ा और सफल कारोबार खड़ा किया जा सकता है





