Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. NITI Aayog की रिपोर्ट: भारत को डीप-सी मछली पकड़ने में आगे बढ़ना होगा
एग्री बुलेटिन

NITI Aayog की रिपोर्ट: भारत को डीप-सी मछली पकड़ने में आगे बढ़ना होगा

NITI Aayog की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को डीप-सी और ऑफशोर मछली पकड़ने में आगे बढ़ने के लिए साफ नियम, जहाज, फंड और निगरानी की जरूरत है। निवेश और योजनाओं से भारत मछली निर्यात और उत्पादन दोनों में

NP

Pooja Rai· Correspondent

14 अक्टूबर 2025· 3 min read

agriculture newsdeep-sea fishingkheti kisani
NITI Aayog की रिपोर्ट: भारत को डीप-सी मछली पकड़ने में आगे बढ़ना होगा

NITI Aayog की रिपोर्ट: भारत को डीप-सी मछली पकड़ने में आगे बढ़ना होगा

NITI Aayog की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को डीप-सी और ऑफशोर मछली पकड़ने में आगे बढ़ने के लिए साफ नियम, जहाज, फंड और निगरानी की जरूरत है। निवेश और योजनाओं से भारत मछली निर्यात और उत्पादन दोनों में मजबूत बन सकता है।

NITI Aayog की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का मछली और मछली उत्पादों का निर्यात 2013-14 में ₹30,213 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में ₹60,523 करोड़ हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले 15 साल में इस क्षेत्र में करीब ₹9,000 करोड़ का निवेश करना चाहिए ताकि डीप-सी और ऑफशोर फिशरी भी इनलैंड फिशरी की तरह फल-फूल सके।

तीन चरणों की योजना
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए तीन चरणों में काम होना चाहिए।

2025-28: शुरुआती आधार तैयार करना।

2029-32: उत्पादन बढ़ाना और दुनिया में प्रतिस्पर्धा मजबूत करना।

2033-41: भारत को डीप-सी फिशरी में ग्लोबल लीडर बनाना।

कानून और नियम सुधारने की जरूरत
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को डीप-सी मछली पकड़ने के लिए साफ-सुथरे नियम बनाने चाहिए, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार हों। लाइसेंसिंग, पंजीकरण और मछली पकड़ने के नियम भी स्पष्ट और टिकाऊ तरीके से बनें।

निगरानी और एजेंसी
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि डीप-सी फिशरी के लिए एक खास एजेंसी या निदेशालय बनाया जाए। इसके जरिए मछली की जानकारी इकट्ठा करना, स्टॉक का आकलन और निगरानी करना आसान होगा। साथ ही, एक विशेष फंड और प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट भी बननी चाहिए।

ये भी पढ़ें - भारत ने 2024-25 में 7.75 लाख टन चीनी का निर्यात किया, नए सीजन के लिए जल्दी घोषणा की मांग

उपकरण और निर्यात
मछली पकड़ने के तरीके और जहाजों का चुनाव मछली की प्रजाति, जहाज की क्षमता और नियमों के अनुसार होना चाहिए। निर्यात बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और सिस्टम भी मजबूत होना चाहिए।

भारत की मौजूदा स्थिति
2023 में भारत के पास केवल 4 डीप-सी फिशिंग जहाज थे, जबकि श्रीलंका के पास 1,883 और ईरान के पास 1,216 जहाज हैं। इसी वजह से भारत का हिस्सा हाई-सी फिशरी में कम रहा है।

समुद्री क्षेत्र और संभावनाएं
भारत की तटरेखा 11,098 किलोमीटर लंबी है और EEZ के बाहर की गहरी समुद्री जलराशि में टूना, बिलफिश और श्रिम्प जैसी कीमती मछलियां हैं। EEZ की संभावित मछली उत्पादन क्षमता 7.16 मिलियन टन है।

रिपोर्ट कहती है कि सही नीतियों, मजबूत संस्थाओं, बेहतर उपकरण और टिकाऊ प्रबंधन से भारत अपनी डीप-सी और ऑफशोर मछली पकड़ने की पूरी क्षमता का इस्तेमाल कर सकता है और इसे लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— NITI Aayog की रिपोर्ट: भारत को डीप-सी मछली पकड़ने में आगे बढ़ना होगा

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs