Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. MSP से नीचे बिक रही खरीफ की दालें और तिलहन, किसानों की बढ़ी चिंता
एग्री बुलेटिन

MSP से नीचे बिक रही खरीफ की दालें और तिलहन, किसानों की बढ़ी चिंता

खरीफ सीजन 2025-26 की दालें और तिलहन इस बार MSP से काफी कम दामों पर बिक रहे हैं। मूंग, उड़द और तूर औसतन 1,500–1,700 रुपये प्रति क्विंटल तक सस्ते हैं, वहीं मूंगफली और सोयाबीन भी MSP से नीचे बिक रहे हैं।

NP

Pooja Rai· Correspondent

20 सितंबर 2025· 3 min read

agriculture newsIMPORTkheti kisani
MSP से नीचे बिक रही खरीफ की दालें और तिलहन, किसानों की बढ़ी चिंता

MSP से नीचे बिक रही खरीफ की दालें और तिलहन, किसानों की बढ़ी चिंता

खरीफ सीजन 2025-26 की दालें और तिलहन इस बार MSP से काफी कम दामों पर बिक रहे हैं। मूंग, उड़द और तूर औसतन 1,500–1,700 रुपये प्रति क्विंटल तक सस्ते हैं, वहीं मूंगफली और सोयाबीन भी MSP से नीचे बिक रहे हैं। कीमतें गिरने की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार और सस्ते आयात को माना जा रहा है। कर्नाटक और तेलंगाना ने सरकार से तुरंत खरीद शुरू करने और मात्रा सीमा खत्म करने की मांग की है।

देशभर की मंडियों में खरीफ सीजन 2025-26 की दालें और तिलहन इस समय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी कम दामों पर बिक रहे हैं। कई जगह कीमतें MSP से 1,000 से 1,700 रुपये प्रति क्विंटल तक नीचे चली गई हैं। ताजा फसल की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन दाम औसत MSP से काफी कम बने हुए हैं। अगर अक्टूबर मध्य तक आपूर्ति और बढ़ने के बाद भी यही स्थिति रही तो सरकार पर प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत खरीद बढ़ाने का दबाव आ सकता है।

किसका कितना है भाव?
मूंग का औसत भाव 7,220 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि MSP 8,768 रुपये है। उड़द 6,368 रुपये पर बिकी, जो MSP 7,800 रुपये से कम है। तूर (अरहर) की औसत कीमत 6,222 रुपये रही, जबकि MSP 8,000 रुपये तय है। वहीं मूंगफली का भाव औसतन 5,682 रुपये रहा, जबकि MSP 7,263 रुपये है। इसी तरह सोयाबीन 4,252 रुपये प्रति क्विंटल बिकी, जो MSP 5,328 रुपये से काफी नीचे है।

कीमतें क्यों गिरीं?
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू बाजार की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से मेल नहीं खा पा रही हैं। सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए दालों और तिलहन के आयात पर जीरो या बहुत कम शुल्क रखा है। ऐसे में व्यापारी विदेशी बाजार से सस्ता माल मंगाना ज्यादा फायदे का मानते हैं, जिससे देशी फसलों की मांग कमजोर हो जाती है और कीमतें गिर जाती हैं।

ये भी पढ़ें - पराली जलाने पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और किसानों की अपील

राज्यों की मांग
हाल ही में हुई रबी कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक और तेलंगाना ने केंद्र सरकार से खरीफ दालों और तिलहन की तुरंत खरीद शुरू करने और खरीद पर कोई मात्रा सीमा न लगाने की मांग की है।

उत्पादन पर संकट
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार खरीफ सीजन में तूर, मूंग, मोंठ और सोयाबीन का उत्पादन घट सकता है। राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में भारी बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक, तूर की बुआई 45,000 हेक्टेयर, मूंग 32,000 हेक्टेयर, मोंठ 40,000 हेक्टेयर और सोयाबीन 5.81 लाख हेक्टेयर कम रही है। हालांकि उड़द की बुआई 1.51 लाख हेक्टेयर और मूंगफली की 34,000 हेक्टेयर बढ़ी है। साफ है कि दाल और तिलहन की कीमतों में गिरावट और उत्पादन में कमी, दोनों मिलकर किसानों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन रहे हैं।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— MSP से नीचे बिक रही खरीफ की दालें और तिलहन, किसानों की बढ़ी चिंता

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs