देश के कई हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का भी खतरा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया और सक्रिय मानसून के कारण पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। वहीं, दक्षिणी प्रायद्वीपीय और पश्चिम-मध्य भारत में अपेक्षाकृत कम बारिश होने की संभावना है।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड: 18 से 21 जुलाई तक बहुत भारी बारिश
हिमाचल प्रदेश: 19 से 22 जुलाई तक बहुत भारी बारिश
जम्मू-कश्मीर: 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश
पूर्वी उत्तर प्रदेश: 19 से 21 जुलाई तक बहुत भारी बारिश
ओडिशा: 16-17 जुलाई को भारी से अत्यधिक भारी बारिश
बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम: 18 से 20 जुलाई तक बहुत भारी बारिश
असम-मेघालय: 16 से 19 जुलाई तक बहुत भारी बारिश
अरुणाचल प्रदेश: 17 से 19 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश
इसके अलावा झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी
IMD ने मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों, पश्चिमी तट और हिमालयी क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने किसानों से कहा है कि जिन राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, वहां खेतों से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि जलभराव न हो। खेतों की नालियों और मेड़ों को मजबूत रखें। जब तक खेतों की स्थिति सामान्य न हो जाए, सिंचाई, उर्वरक डालने और कीटनाशकों के छिड़काव जैसे कृषि कार्य टाल दें।
उत्तराखंड में किसानों को मूंगफली, सोयाबीन और मक्का की बुवाई फिलहाल टालने की सलाह दी गई है। वहीं, जहां संभव हो, तैयार फसलों और सब्जियों की समय पर कटाई करने को कहा गया है, ताकि बारिश से नुकसान कम हो सके।





