Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. APEDA ने भारतीय आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अबू धाबी में 'इंडियन मैंगो मेनिया 2025' का किया आयोजन
एग्री बुलेटिन

APEDA ने भारतीय आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अबू धाबी में 'इंडियन मैंगो मेनिया 2025' का किया आयोजन

'इंडियन मैंगो मेनिया 2025' में जीआई-टैग विशिष्‍टताओं सहित भारतीय आम की उत्‍कृष्‍ट किस्मों का प्रदर्शन किया गया।

NP

Pooja Rai· Correspondent

4 जुलाई 2025· 4 min read

agriculture newsAPEDAkheti kisani
APEDA ने भारतीय आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अबू धाबी में 'इंडियन मैंगो मेनिया 2025' का किया आयोजन

APEDA ने भारतीय आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अबू धाबी में 'इंडियन मैंगो मेनिया 2025' का किया आयोजन

'इंडियन मैंगो मेनिया 2025' में जीआई-टैग विशिष्‍टताओं सहित भारतीय आम की उत्‍कृष्‍ट किस्मों का प्रदर्शन किया गया।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने भारतीय कृषि उत्पादों, विशेष रूप से आमों की वैश्विक उपस्थिति को बढ़ाने के अपने सतत प्रयासों के तहत अबू धाबी में आम संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में 'भारतीय मैंगो मेनिया 2025' - यूएई में स्थित भारतीय दूतावास और लुलु समूह के सहयोग से आयोजित एक जीवंत इन-स्टोर आम उत्सव की शुरुआत की गई। आम के शीर्ष मौसम में आयोजित इस संवर्धन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं, विशेष रूप से यूएई और खाड़ी क्षेत्र में व्‍यापक स्‍तर पर फैले भारतीय प्रवासियों को भारत की उत्‍कृष्‍ट आम किस्मों को प्रद‍र्शित करना है।

20 मिलियन अमरीकी डॉलर का हुआ आम निर्यात
यूएई भारतीय आमों के लिए शीर्ष निर्यात देश बना हुआ है। 2024 में, भारत ने यूएई को 20 मिलियन अमरीकी डॉलर मूल्य के 12,000 मीट्रिक टन से अधिक आमों का निर्यात किया, जो इस भारतीय फसल की मजबूत मांग को दिखता है।

एपीडा एफपीओ, एफपीसी और कृषि-निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच में सुधार करके भारत के कृषि निर्यात का विस्तार करने और भारत को उच्च गुणवत्ता वाले और विविध कृषि-खाद्य उत्पादों में वैश्विक रूप से अग्रणी देश के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रहा है।

इन आमों का किया गया प्रदर्शन
प्रदर्शित भारतीय आम की उम्‍दा किस्मों में जीआई-टैग और क्षेत्रीय विशिष्टताएं जैसे बनारसी लंगड़ा, दशहरी, चौसा, सुंदरजा, आम्रपाली, मालदा, भारत भोग, प्रभा शंकर, लक्ष्मण भोग, महमूद बहार, वृंदावनी, फजली और मल्लिका शामिल हैं।

इस अभियान का आधिकारिक उद्घाटन संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने लुलु हाइपरमार्केट, खालिदिया मॉल, अबू धाबी में लुलु समूह के अध्यक्ष यूसुफ अली एमए की उपस्थिति में किया। इस कार्यक्रम में भारतीय दूतावास के काउंसलर (व्यापार और निवेश) रोहित मिश्रा, एपीडा के उप महाप्रबंधक डॉ. सीबी सिंह और अन्य लोग भी मौजूद थे।

किसने क्या कहा?
इस अवसर पर संबोधित करते हुए संजय सुधीर ने कहा कि
"लूलू भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण मंच रहा है और एपीडा ने भारतीय आम उत्पादकों को यूएई के बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।इस महोत्सव के माध्यम से, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पूर्वी क्षेत्र जैसे राज्यों के भारतीय आमों की ताज़गी और समृद्धि खाड़ी के पार के घरों तक पहुंचेगी।"

लुलु ग्रुप के अध्‍यक्ष यूसुफ अली एमए ने भी इन भावनाओं को दोहराया और भारत-खाड़ी बाजार संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए समूह की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने कहा,
"यूएई और खाड़ी क्षेत्र में अपनी खुदरा श्रृंखलाओं के माध्यम से भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्‍पादों का प्रदर्शन करने पर लुलु को गर्व है।"

इन राज्यों से पहुँचा आम
भारत की ओर से एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने एक संदेश में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए एपीडा की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिसमें आम जैसे उत्‍कृष्‍ट बागवानी उत्पाद शामिल हैं। उन्होंने कहा,
"एपीडा ने उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश से आम की विभिन्न किस्मों को हवाई मार्ग से लाने में मदद की है। यह पहल न केवल भारत की आम विविधता को प्रदर्शित करती है, बल्कि भारतीय उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण निर्यात अवसर भी पैदा करती है और कृषक समुदाय की सहायता करती है।"

ताजे फलों के प्रदर्शन के अतिरक्‍त, इस संवर्धन कार्यक्रम में आम पर आधारित व्यंजनों का चयन भी सम्‍मलित था। इसमें शामिल हैं:

बेकरी और मिठाइयां: मैंगो पेस्ट्री, स्विस रोल, डोनट्स, मैकरून, मैंगो ब्रेड और केक

पारंपरिक भारतीय व्यंजन: मंबाझा पायसम, आम पुलाव, आम मछली करी, आम की चटनी, और आम की खिचड़ी

स्नैक्स और सलाद: आम के पकौड़े, चाट, रायता, ट्रॉपिकल सलाद

ग्लोबल फ्यूज़न: मैंगो सुशी, मैंगो-स्टफ्ड चिकन, मैंगो चपली कबाब

अचार और मुरब्‍बा: आम-खजूर का अचार, लहसुन-आम का अचार, कश्मीरी शैली का अचार

पेय पदार्थ: ताजा आम का जूस, स्मूदी, पल्प, जैम और जेली

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— APEDA ने भारतीय आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अबू धाबी में 'इंडियन मैंगो मेनिया 2025' का किया आयोजन

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs