Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. पशु पालन
  3. ठंडी, गर्मी, बरसात हर मौसम में अपने पशुओं को खिलाएं साइलेज, जानें बनाने का तरीका
पशु पालन

ठंडी, गर्मी, बरसात हर मौसम में अपने पशुओं को खिलाएं साइलेज, जानें बनाने का तरीका

डेयरी बिज़नेस में पशुओं की देख भाल विशेष रूप से उनके खाने का ध्यान सबसे महत्वपूर्ण होता है। डेयरी बिज़नेस करने वालों का मानना है कि पशुओं के लिए पोषण से भरपूर चारा बहुत ज़रूरी होता है।

NP

Pooja Rai· Correspondent

19 जुलाई 2025· 2 min read

dairy businessdairy farmsilage
ठंडी, गर्मी, बरसात हर मौसम में अपने पशुओं को खिलाएं साइलेज, जानें बनाने का तरीका

ठंडी, गर्मी, बरसात हर मौसम में अपने पशुओं को खिलाएं साइलेज, जानें बनाने का तरीका

डेयरी बिज़नेस में पशुओं की देख भाल विशेष रूप से उनके खाने का ध्यान सबसे महत्वपूर्ण होता है। डेयरी बिज़नेस करने वालों का मानना है कि पशुओं के लिए पोषण से भरपूर चारा बहुत ज़रूरी होता है। हरदोई, उत्तर प्रदेश के सानिध्य अवध भी IT सेक्टर में शानदार करियर और लाखों के पैकेज को छोड़कर डेयरी का बिज़नेस करते हैं। सफल भी हैं। न्यूज़ पोटली से उन्होंने पशुओं के लिए पोषण से भरपूर चारा तैयार करने का तरीक़ा साझा किया है, जिसे साइलेज भी कहा जाता है।

क्या है silage?
साइलेज एक high nutritious fodder है, जिसे मक्का, ज्वार, बाजरा और हरी घास जैसी फसलों के fermentation से तैयार किया जाता है। इसमें सूखे चारे की तुलना में ज्यादा पोषण होता है, और लगभग 16-17% तक प्रोटीन होती है। ये ना केवल पशुओं की सेहत के लिए फायदेमंद होता है, बल्कि दूध के उत्पादन को भी बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

ये भी पढ़ें - नमी के कारण दलहनी फसलों पर बढ़ सकता है कातरा कीट का खतरा, राजस्थान कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी

सानिध्य अवध अपने डेयरी के पशुओं को हर मौसम में साइलेज देते है। उनका खाना है कि पशुओं को स्वास्थ्य तो ठीक रहता ही है। दूध उत्पादन भी ज़्यादा होता है। उन्होंने साइलेज बनाने की प्रक्रिया बतायी है कि किसान को ये बनाने के लिए किस फसल या हरी घास का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इसे लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकता है,जो हरा चारा के साथ संभव नहीं है।
अवध ने बताया कि क्यों साइलेज, हरी घास और सूखे चारे से बेहतर है?

साइलेज के कई फायदे
आप इसे लंबे समय तक स्टोर कर सकते हैं । अवध के मुताबिक़ इसे 6 महीने से 1 साल तक बिना खराब हुए स्टोर किया जा सकता है। इसमें इसमें हरी घास के मुकाबले ज्यादा प्रोटीन और पोषक तत्व होते हैं। इसमें बार-बार हरा चारा उगाने की जरूरत नहीं होती। इसलिए इसमें मेहनत और खर्च भी कम है। हर मौसम में पशुओं को खिलाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पशु इसे आसानी से पचा सकते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता है।

कैसे तैयार होता है, जानने के लिए वीडियो देखिए-

News Potli.
Clip & Share
“

— ठंडी, गर्मी, बरसात हर मौसम में अपने पशुओं को खिलाएं साइलेज, जानें बनाने का तरीका

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

बजट 2026-27 में पशुपालकों पर खास फोकस, निजी क्षेत्र में पशु-चिकित्सा को मिलेगा प्रोत्साहन
पशु पालन

बजट 2026-27 में पशुपालकों पर खास फोकस, निजी क्षेत्र में पशु-चिकित्सा को मिलेगा प्रोत्साहन

बजट 2026-27 में पशुपालकों के लिए खास प्रावधान किए गए हैं। पशु-चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने, पशु-चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाने और निजी क्षेत्र को सब्सिडी के जरिए प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया ह

Pooja Rai·1 फ़र॰ 2026·2 min
दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?
पशु पालन

दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?

भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर वन है, लेकिन प्रति पशु दूध कम और लागत ज्यादा है। NDDB के मुताबिक अगर पशुपालक वैज्ञानिक तरीके अपनाएं—जैसे सही चारा, अच्छी नस्ल, समय पर टीकाकरण, बछड़ा पालन और डिजिटल

Pooja Rai·12 जन॰ 2026·3 min
सस्ता इलाज, बेहतर देखभाल: अब यूपी के हर ब्लॉक में पशु जन औषधि केंद्र
पशु पालन

सस्ता इलाज, बेहतर देखभाल: अब यूपी के हर ब्लॉक में पशु जन औषधि केंद्र

उत्तर प्रदेश में हर ब्लॉक में पशु जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे, जहां पशुपालकों को पशुओं के लिए सस्ती जेनेरिक दवाइयां मिलेंगी। ये केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर काम करेंगे। इससे पशुओं के इ

Pooja Rai·22 दिस॰ 2025·3 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs