Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. IFFCO की सफाई...छापेमारी के दौरान मिला कोई भी उत्पाद हमारा नहीं, किसान भरोसा रखें
एग्री बुलेटिन

IFFCO की सफाई...छापेमारी के दौरान मिला कोई भी उत्पाद हमारा नहीं, किसान भरोसा रखें

भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) ने हाल ही में राजस्थान के किशनगढ़ में नकली खाद और कीटनाशक फैक्ट्रियों पर हुई छापेमारी के बाद सफाई दी है. इफको ने कहा कि उनके उत्पादों को लेकर फैलाई जा रही भ्

NP

Pooja Rai· Correspondent

4 जून 2025· 3 min read

agriculture newsfertilizersIFFCO
IFFCO की सफाई...छापेमारी के दौरान मिला कोई भी उत्पाद हमारा नहीं, किसान भरोसा रखें

IFFCO की सफाई...छापेमारी के दौरान मिला कोई भी उत्पाद हमारा नहीं, किसान भरोसा रखें

भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) ने हाल ही में राजस्थान के किशनगढ़ में नकली खाद और कीटनाशक फैक्ट्रियों पर हुई छापेमारी के बाद सफाई दी है. इफको ने कहा कि उनके उत्पादों को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक खबरें बिल्कुल गलत हैं और उनके किसी भी खाद को नकली फैक्ट्रियों में नहीं पाया गया है.

IFFCO ने बयान जारी कर कहा है कि ‘किशनगढ़, राजस्थान में नकली खाद/कीटनशाक की फैक्‍ट्री पर एक्‍शन के बाद से पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया, अखबारों और विभिन्न चैनलों के माध्यम से इफको के उत्पादों को लेकर ‘भ्रामक दुष्प्रचार’ किया जा रहा है, जो कि बिल्‍कुल गलत है. इफको ने किसानों को कुप्रचार से बचने की सलाह दी है.

सागरिका के बारे में क्या कहा?
IFFCO ने कहा कि बताए गई जगहों पर इफको का कोई भी खाद नहीं मिला है, इसलिए किसान इफको की उत्पाद गुणवत्ता और अन्य मानकों पर कही जा रही बेबुनि‍याद बातों पर ध्‍यान न दें और इफको पर भरोसा बनाए रखें. इफको ने कहा कि उक्‍त एक्‍शन के दौरान कुछ जगहों पर इफको के संयुक्त उपक्रम एक्वाग्री (Aquagri) की ओर से बनाए जाने वाला ‘सागरिका दानेदार बायोस्टीम्युलेंट’ पाया गया है, जो किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है.

ये भी पढ़ें - सरकार ने पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात को मार्च 2026 तक बढ़ाया

भारत सरकार के नियमों के आधार पर बनाया जाता है उत्पाद
इफको ने कहा कि यह केंद्रीय शोध संस्थान CSIR -CSMCRI की ओर से दी गई तकनीक और भारत सरकार के नियमों के आधार पर बनाया जा रहा है, जिसमें किसी भी तरह की कोई अनियमितता नहीं है. इन स्थानों पर जो Dolomite, Gypsum, Seaweed powder, bentonite मिले हैं, इनका प्रयोग ‘सागरिका दानेदार’ को बनाने में किया जाता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है. इसलिए किसानों से निवेदन है कि वे भ्रामक दुष्प्रचार से बचें और इफको के गुणवत्ता वाले उर्वरकों और बायोस्टीम्युलेंट’ का प्रयोग करें.

क्या है मुद्दा?
आपको बता दें कि 29 मई, 2025 को राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने किशनगढ़ में एक छापेमारी की, जहां इफको के ब्रांड नाम से नकली खाद बनाने वाली 34 फैक्ट्रियों का पर्दाफाश हुआ. उदयपुर कलां, डिंडवाड़ा और चोसला गांव जैसे इलाकों में चल रहीं ये फैक्ट्रियां नकली डीएपी, यूरिया, जिंक सल्फेट और अन्य उत्पाद बनाने के लिए मार्बल पाउडर, बजरी, मिट्टी और रंगीन एडिटिव्स जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल कर रही थीं. इसके अलावा अजमेर के किशनगढ़ में हाल ही में की गई छापेमारी के दौरान नकली खाद उत्पादन का गंभीर पहलू उजागर हुआ है. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कुछ किसानों को इफको उत्पादों से अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं देखने मिले रहे हैं.

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— IFFCO की सफाई...छापेमारी के दौरान मिला कोई भी उत्पाद हमारा नहीं, किसान भरोसा रखें

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs