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हिमाचल में Farmer ID अनिवार्य, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी किसानों और बागवानों के लिए Farmer ID बनवाना अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे, सही और समय पर पहुँचाना है। Farmer ID से फर्जी लाभार्थिय

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Pooja Rai· Correspondent

7 जनवरी 2026· 3 min read

हिमाचल में Farmer ID अनिवार्य, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

हिमाचल में Farmer ID अनिवार्य, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी किसानों और बागवानों के लिए Farmer ID बनवाना अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे, सही और समय पर पहुँचाना है। Farmer ID से फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह व्यवस्था AgriStack योजना के तहत लागू की जा रही है, जिससे किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी किसानों और बागवानों के लिए Farmer ID बनवाना अनिवार्य कर दिया है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं और सहायता को और पारदर्शी, तेज और सीधा बनाया जा सकेगा।

Farmer ID एक तरह की डिजिटल पहचान होगी, जिससे यह साफ हो जाएगा कि असली किसान कौन है और उसे कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और एक ही व्यक्ति को बार-बार योजना का फायदा मिलने जैसी गड़बड़ियाँ भी खत्म होंगी।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
राज्य सरकार का मानना है कि अब तक कई योजनाओं में किसानों को लाभ मिलने में देरी होती थी। कभी-कभी गलत लोगों तक योजना का फायदा पहुँच जाता था। एक ही किसान के नाम पर दोहराव हो जाता था।Farmer ID से इन सभी समस्याओं को दूर किया जा सकेगा। यह योजना केंद्र सरकार की AgriStack पहल का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर के किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है।

Farmer ID कैसे बनेगी?
कृषि विभाग के निदेशक डॉ. रविंदर सिंह जस्रोटिया के अनुसार, हर किसान और बागवान को एक यूनिक Farmer ID दी जाएगी। इसके लिए किसानों को अपने आधार कार्ड के माध्यम से e-KYC करानी होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल, सुरक्षित और आसान रखी गई है।

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आवेदन की प्रक्रिया
किसान घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए किसान “Farmer Registry Himachal Pradesh” सर्च कर सकते हैं या सीधे hpfr.agristack.gov.in पोर्टल पर जाकर ‘Farmers’ विकल्प चुनकर अपनी जमीन, फसल और खेती से जुड़ी जानकारी भर सकते हैं।सारी जानकारी सत्यापित होने के बाद किसान को Farmer ID जारी कर दी जाएगी।
जो किसान मोबाइल या कंप्यूटर से आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए सरकार ने लोक मित्र केंद्रों की सुविधा दी है। यहाँ किसानों को मुफ्त तकनीकी सहायता मिलेगी। इसके अलावा किसान अपने नजदीकी कृषि या बागवानी अधिकारी से भी मदद ले सकते हैं।

Farmer ID से किसानों को क्या फायदा होगा?
Farmer ID बनने के बाद किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ी योजनाओं, बीज और खाद वितरण। सिंचाई सहायता, फसल बीमा और सब्सिडी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राज्य और केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ बिना रुकावट और सीधे ले सकेंगे।
कृषि विभाग ने सभी किसानों और बागवानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द Farmer ID बनवाएँ। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में अधिकतर योजनाओं का लाभ Farmer ID के बिना नहीं मिलेगा।

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