Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. सब्ज़ियों की खेती के लिए अपनायें ये तरीका...बढ़ेगा उत्पादन, डबल होगी कमाई
एग्री बुलेटिन

सब्ज़ियों की खेती के लिए अपनायें ये तरीका...बढ़ेगा उत्पादन, डबल होगी कमाई

कुरुक्षेत्र, हरियाणा। आपने अक्सर छोटी जोत वाले किसानों को यह कहते सुना होगा कि हमारे पास बहुत कम जमीन है, हम इससे कितना कमा सकते हैं। लेकिन इसके उलट देश में छोटी जोत वाले कई किसान ऐसे हैं, जिन्होंने क

NP

Pooja Rai· Correspondent

29 अप्रैल 2025· 2 min read

agriculture newsDrip irrigationharyana news
सब्ज़ियों की खेती के लिए अपनायें ये तरीका...बढ़ेगा उत्पादन, डबल होगी कमाई

सब्ज़ियों की खेती के लिए अपनायें ये तरीका...बढ़ेगा उत्पादन, डबल होगी कमाई

कुरुक्षेत्र, हरियाणा। आप ने अक्सर छोटी जोत वाले किसानों को यह कहते सुना होगा कि हमारे पास बहुत कम जमीन है, हम इससे कितना ही कमा सकते हैं। लेकिन इसके उलट देश में छोटी जोत वाले कई किसान ऐसे भी हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत और तकनीक के दम पर छोटी जोत होने के बावजूद खेती में सफलता हासिल की है। उन्हीं किसानों में से एक हैं हरियाणा के कुरुक्षेत्र के युवा और प्रगतिशील किसान अंकुर कुमार।

अंकुर पारंपरिक गेहूं और चावल की खेती से हटकर पिछले 6 सालों से मल्टीलेयर और स्टेकिंग विधि से टमाटर, शिमला मिर्च, लौकी और यहाँ तक कि स्ट्रॉबेरी भी उगा रहे हैं। उन्होंने सिर्फ 1.75 एकड़ में ₹22 लाख के टमाटर बेचे हैं। वे पानी के कुशल उपयोग और बेहतर उपज के लिए उभरी हुई क्यारियों, मल्चिंग शीट और ड्रिप सिंचाई का उपयोग करते हैं। अंकुर ने उच्च तकनीक वाले बीजों के साथ अपनी नर्सरी भी बनायी है। खेती में जल प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री भी उनकी तारीफ कर चुके हैं। कर्ज से सफलता तक का अंकुर का सफर भारत के 84% छोटे किसानों के लिए प्रेरणा है।

ये भी पढ़ें - ड्रिप सिस्टम, स्प्रिंकलर समेत कई सिंचाई तकनीकों पर सब्सिडी दे रही है मध्य प्रदेश सरकार

कैसे होती है स्टेकिंग तकनीक से खेती
स्टेकिंग तकनीक से टमाटर की खेती करने के लिए बांस के डंडे, लोहे के पतले तार और सुतली की जरूरत होती है। इसमें सबसे पहले टमाटर के पौधों की नर्सरी तैयार की जाती है। इसमें करीब तीन हफ्ता लग जाता है और इस दौरान खेत में 4 से 6 फीट की दूरी पर मेड़ तैयार कर लिया जाता है। अंकुर बताते हैं कि स्टेकिंग विधि में बांस के सहारे तार और रस्सी का जाल बनाया जाता है और उसके ऊपर ही पौधे की टहनियों/लताओं को फैलाया जाता है।
उन्होंने बताया कि ऐसा करने से इन पौधों को ऊपर की ओर बढ़ने में सहायता मिलती है और पौधों की ऊंचाई भी 8 फीट तक हो जाती है। इसके साथ ही ऐसा करने से पौधों को मजबूती मिलती है। साथ ही उत्पादन भी बेहतर होता है। ऊंचाई पर होने के कारण पौधे या सब्जियों के सड़ने का खतरा भी ना के बराबर रह जाता है।

देखिए वीडियो -

News Potli.
Clip & Share
“

— सब्ज़ियों की खेती के लिए अपनायें ये तरीका...बढ़ेगा उत्पादन, डबल होगी कमाई

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs