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महाराष्ट्र का रिकॉर्ड: 30 दिन में 45,911 सोलर पंप इंस्टॉल

महाराष्ट्र ने सिर्फ 30 दिनों में 45,911 सोलर सिंचाई पंप लगाकर रिकॉर्ड बनाया है। यह काम PM-कुसुम और राज्य की सोलर पंप योजना के तहत किया गया, जिससे किसानों को दिन में सिंचाई, बिजली और डीज़ल खर्च में बड़

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Pooja Rai· Correspondent

8 दिसंबर 2025· 2 min read

महाराष्ट्र का रिकॉर्ड: 30 दिन में 45,911 सोलर पंप इंस्टॉल

महाराष्ट्र का रिकॉर्ड: 30 दिन में 45,911 सोलर पंप इंस्टॉल

महाराष्ट्र ने सिर्फ 30 दिनों में 45,911 सोलर सिंचाई पंप लगाकर रिकॉर्ड बनाया है। यह काम PM-कुसुम और राज्य की सोलर पंप योजना के तहत किया गया, जिससे किसानों को दिन में सिंचाई, बिजली और डीज़ल खर्च में बड़ी बचत मिलेगी। राज्य अब तक 7.47 लाख सोलर पंप लगा चुका है और लक्ष्य 10.45 लाख का है।

महाराष्ट्र ने सिर्फ 30 दिनों में 45,911 ऑफ-ग्रिड सोलर पंप लगा कर बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। अब इस उपलब्धि को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भेजा गया है। यह काम महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने किया है। इस उपलब्धि के साथ महाराष्ट्र देश में सबसे तेज़ सोलर पंप लगाने वाला राज्य बन गया है, और दुनिया में चीन के बाद दूसरे नंबर पर है।

कैसे हुआ?
इस योजना को PM-KUSUM और मगेल त्याला सौर कृषी पंप योजना के तहत किया गया। सरकारी टीमों ने खास तौर पर सूखा प्रभावित इलाकों पर ध्यान दिया, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई मिल सके।
इंस्‍टॉलेशन तेज़ी से हो इसके लिए पहले से पंप स्टॉक कर लिए गए, हर जिले में अलग-अलग टीमें बनाई गईं, डिजिटल ट्रैकिंग के ज़रिए हर काम की निगरानी की गई और कंपनियों के लिए कड़े नियम बनाए गए ताकि शिकायतें जल्दी हल हों।

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जरूरत के हिसाब से पंप की क्षमता तय
किसानों की जरूरत के हिसाब से पंप की क्षमता तय की गई, जैसे 2.5 एकड़ तक के लिए 3 HP, 5 एकड़ तक के लिए 5 HP और बड़ी जमीन के लिए 7 HP पंप लगाए गए। किसानों को पंप लगाने, चलाने और मेंटेनेंस में भी पूरी मदद दी गई।

अब तक 7.47 लाख सोलर पंप लग चुके
महाराष्ट्र में अब तक 7.47 लाख सोलर पंप लग चुके हैं और लक्ष्य 10.45 लाख का है। इससे किसानों को दिन में बिजली मिलेगी, डीज़ल और पारंपरिक बिजली पर खर्च कम होगा और खेती ज्यादा टिकाऊ बनेगी।
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “यह किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम है।”
MSEDCL के चेयरमैन लोकेंद्र चंद्रा ने कहा, “यह सफलता पारदर्शिता, बेहतर योजना और समय पर काम पूरा करने की वजह से मिली है। शिकायत पर कार्रवाई 3 दिनों के भीतर की जाती है।”

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