Skip to content
News Potli
कमाई की बात

मखाना की खेती बढ़ाने की पहल, 3-4 अगस्त को पटना में मखाना महोत्सव

बिहार का मखाना बड़ी तेजी से पूरी दुन‍िया में अपनी धाक जमा रहा। बढ़ती मांग को देखते हुए राज्‍य के क‍िसान भी इसकी खेती की ओर रुख कर रहे हैं। राज्‍य सरकार भी इसे और बढ़ाने की हर संभव प्रयास कर रही है।

NP

Pooja Rai· Correspondent

25 जुलाई 2024· 3 min read

मखाना की खेती बढ़ाने की पहल, 3-4 अगस्त को पटना में मखाना महोत्सव

मखाना की खेती बढ़ाने की पहल, 3-4 अगस्त को पटना में मखाना महोत्सव

बिहार का मखाना(makhana) बड़ी तेजी से पूरी दुन‍िया में अपनी धाक जमा रहा। बढ़ती मांग को देखते हुए राज्‍य के क‍िसान भी इसकी खेती की ओर रुख कर रहे हैं। राज्‍य सरकार भी इसे और बढ़ाने की हर संभव प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बिहार सरकार किसानों को और प्रोत्साहित करने और मखाना की खेती से जुड़ी बारीकियों को समझाने के लिए 3-4 अगस्त को पटना में मखाना महोत्सव का आयोजन कर रही है।

मखाने ने बिहार के मिथिला को ना सिर्फ देश में बल्कि विदेश में भी एक अलग पहचान दे दी है। हाल ही में मिथिला मखाना को GI टैग भी मिला जिससे मखाना किसानों को उनकी उपज के लिए अधिकतम दर मिलने में मदद मिलेगी। मखाना की खेती को बढ़ावा देने और दूसरे किसान भी इसकी खेती से जुड़े, इसीलिए बिहार सरकार एक बार फिर पटना के ज्ञान भवन में 03-04 अगस्त, 2024 को दो दिवसीय राष्ट्रीय समारोह मखाना महोत्सव आयोजित कर रही है। इसकी जानकारी राज्य कृषि विभाग ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (X) पर दी है।

मखाना महोत्सव में क्‍या होगा?

महोत्सव में देश-प्रदेश के प्रगतिशील किसान और मखाना उत्पादक कंपनियों, प्रमुख निर्यातकों, व्यापारियों, वैज्ञानिकों आदि को आमंत्रित किया गया है। यहां मखाना की खेती के बारे में उन किसानों को जानकारी दी जाएगी जिन्होंने अभी तक इसकी खेती को पूरी तरह से नहीं अपनाया है। साथ ही किसानों को मखाना की खेती के फायदे के बारे में भी बताया जाएगा। इसके अलावा वहाँ सभी ग्रेड के मखाना और मखाना उत्पाद का प्रदर्शन किया जाएगा। क्रेता-विक्रेता को एक साथ मिलने का मौका मिलेगा, मखाना पॉपिंग का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा, मखाना उत्पादन में वृद्धि, पैकेजिंग, हार्वेस्टिंग और पापिंग में मशीन का उपयोग आदि की तकनीकी जानकारी किसानों को दी जाएगी और मखाना के विभिन्न उत्पादों के लिए अलग-अलग स्टाल लगाए जाएंगे।

ये भी पढ़ें -Mithila Makhana: छह महीने में ही दोगुनी कैसे हो गई मिथिला मखाने की कीमत?

बिहार में मखाना की खेती

बिहार में मखाना उत्पादन भारत के कुल उत्पादन का 85 प्रतिशत है। मखाना का उत्पादन मुख्य रूप से बिहार के दरभंगा, मधुबनी, मधेपुरा, फारविसगंज, सीतामढी, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, अररिया, किशनगंज, बेगुसराय, शिवहर में होता है। बिहार में मखाना की खेती क्षेत्र लगभग 10,000 एकड़ में होता है। राज्य सरकार एवं मखाना अनुसंधान संस्थान की पहल का परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2012-13 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2021-22 में मखाना के रकबा में 171 प्रतिशत और मखाना उत्पादन में 152 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

फायदेमंद है मखाना
मखाना प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पोटेशियम, आयरन और जिंक का एक समृद्ध स्रोत है। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कुछ अमीनो एसिड भी होते हैं जो कि सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से बचाव में मदद करती हैं।

ये देखें -

NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

कंटोला की खेती कब और कैसे करें? जानिए किसान से....
कमाई की बात

कंटोला की खेती कब और कैसे करें? जानिए किसान से....

औषधीय गुणों से भरपूर ककोड़ा जिसे कंटोला या जंगली करेला भी कहा जाता है। इसकी सब्जी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है। मानसून के मौसम में आप इस सब्जी को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं। पोषक तत्वों से भर

Pooja Rai·4 जून 2025·2 min
ऐसे करें स्ट्रॉबेरी और करेला की सहफसली खेती, होगा अच्छा मुनाफा
कमाई की बात

ऐसे करें स्ट्रॉबेरी और करेला की सहफसली खेती, होगा अच्छा मुनाफा

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के युवा किसान अभय वर्मा एक बीघे में स्ट्रॉबेरी और करेला की सहफसली खेती करते हैं। जिससे वो लगभग तीन लाख रुपये की कमाई करते हैं। खेती मुनाफे का सौदा है, बशर्ते उसे सही तकन

Jalish·5 मई 2025·3 min
किसानों के लिए क्यों ज़रूरी है FARMER ID CARD?
कमाई की बात

किसानों के लिए क्यों ज़रूरी है FARMER ID CARD?

डिजिटल कृषि मिशन के तहत देशभर में किसानों का Farmer ID कार्ड बनाया जा रहा है। फार्मर ID एग्री स्टैक प्लेटफॉर्म का एक जरूरी हिस्सा है। farmer id का मतलब है कि, हर किसान की एक खास पहचान (ID) बनाई जाएगी

Jalish·26 अप्रैल 2025·2 min