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भारतीय डेयरी उत्पाद दुनिया के हर घर तक कैसे पहुंचें, इस दिशा में काम करें एनडीआरआई के वैज्ञानिक - कृषि मंत्री चौहान

दुग्ध उत्पादन में भारत दुनिया में नम्बर एक है तथा यह कैसे और आगे बढ़े इस पर काम करना होगा। भारत के दुग्ध उत्पाद पूरी दुनिया में घर-घर में कैसे पहुंचे, इसके लिए एनडीआरआई के वैज्ञानिकों से अपेक्षा है कि

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Pooja Rai· Correspondent

23 अप्रैल 2025· 3 min read

भारतीय डेयरी उत्पाद दुनिया के हर घर तक कैसे पहुंचें, इस दिशा में काम करें एनडीआरआई के वैज्ञानिक - कृषि मंत्री चौहान

भारतीय डेयरी उत्पाद दुनिया के हर घर तक कैसे पहुंचें, इस दिशा में काम करें एनडीआरआई के वैज्ञानिक - कृषि मंत्री चौहान

दुग्ध उत्पादन में भारत दुनिया में नम्बर एक है तथा यह कैसे और आगे बढ़े इस पर काम करना होगा। भारत के दुग्ध उत्पाद पूरी दुनिया में घर-घर में कैसे पहुंचे, इसके लिए एनडीआरआई के वैज्ञानिकों से अपेक्षा है कि इस दिशा में और अधिक कार्य एवं अनुसंधान करें। ये बातें
शिवराज सिंह चौहान ने करनाल, हरियाणा में आईसीएआर-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान के 21वें दीक्षांत समारोह के संबोधन में कही।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अपना काम मेहनत से करते रहेंगे तो आपका भी विकसित भारत में योगदान हो जायेगा। यहां उपस्थित वैज्ञानिक व सभी साथियों से कहना चाहूंगा कि ध्येय निष्ठ होकर अपना काम करते चलिए। एनडीआरआई के ध्येय निष्ठ होकर काम करने की वजह से संस्थान को नम्बर एक का तमगा मिला।
शिवराज सिंह चौहान 22 अप्रैल को करनाल हरियाणा में आईसीएआर-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान के 21वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्र का इतिहास बहुत पुराना है। दूध और गाय का इतिहास हमें 5 हजार साल तक का पता है। मैं दुनिया के कई देशों में गया हूं लेकिन जो बात हमारे देश में है वह कहीं और नहीं है।

ये भी पढ़ें - ‘विकसित भारत, विकसित खेती के बिना संभव नहीं’- शिवराज सिंह चौहान

मंत्री ने शिक्षा के तीन उद्देश्य बताये
उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह का मतलब दीक्षा का अंत नहीं, यह तो नई शुरुआत है, यह जीवन का एक नया प्रारम्भ है। यह दीक्षांत समारोह सिर्फ प्रमाण पत्र लेने का दिन नहीं है बल्कि आज संकल्प लेने का दिन है। जो ज्ञान अर्जित किया है उसे कर्म में परिवर्तित करके दिखाओ। शिवराज सिंह ने कहा कि शिक्षा के तीन उद्देश्य है- ज्ञान प्राप्त करना, कौशल प्राप्त करना और नागरिकता के संस्कार लेना।

उन्होंने कहा कि मैं एनडीआरआई की टीम को बधाई देता हूं कि आप जो शिक्षा देते हैं, वो कौशल देने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद जी कहते थे कि जो देश के लिए अपने आप को समर्पित कर दे ऐसे 100 लोग भी मुझे मिल जाये तो मैं दुनिया बदल दूंगा। ऐसे ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी विकसित, गौरवशाली, वैभवशाली व शक्तिशाली भारत बनाने का सपना देखा है। हमारा देश विकसित होगा तो हम गरीब नहीं रहेंगे, हमारा देश आगे बढ़ेगा और जरूरत पड़ने पर हम दुनिया की भी मदद करेंगे, क्योंकि हम विश्वबंधु है। प्रधानमंत्री यह सब अकेले नहीं कर सकते हैं। वह निरंतर कर्मरत हैं, लेकिन विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हम सबको एकजुट होना पड़ेगा।

ब्राजील दौरे का किया जिक्र
चौहान ने ब्राजील दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि हमें भारत को तैयार करना है और उसमें खेती और पशुपालन की भूमिका को बढ़ाना है। उन्होंने लखपति दीदी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दिया है जिसके लिए हम लगातार कार्य में लगे हुए हैं। चौहान ने मंत्रालय की कई योजनाओं का जिक्र भी किया और उन्होंने कहा कि मैं गरीबी मुक्त गांव का अभियान शुरू करने वाला हूं।

अंत में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि लक्ष्य तय करें कि जीवन में क्या हासिल करना है, जीवन में बड़ा सोचिए और आगे बढ़िए। केन्द्रीय मंत्री ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की तथा कहा कि मुझे एनडीआरआई पर गर्व है और आशा करता हूं हमेशा नम्बर एक ही रहे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, स्थानीय विधायक व नेता, वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक शिक्षक, छात्र व किसानों सहित अन्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
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