Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. प्राकृतिक तरीके से उगाये गये गेहूं और हल्‍दी की खरीदी कर रही है हिमाचल सरकार, जानिए क्या है रेट?
एग्री बुलेटिन

प्राकृतिक तरीके से उगाये गये गेहूं और हल्‍दी की खरीदी कर रही है हिमाचल सरकार, जानिए क्या है रेट?

हिमाचल प्रदेश में प्राकृत‍िक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को उनकी उपज का अच्छा दाम दिया जा रहा है. प्राकृत‍िक रूप से उगे गेहूं पर राज्‍य सरकार 60 रुपये प्रति किलो और कच्‍ची हल्‍दी पर 90 रुपये प्

NP

Pooja Rai· Correspondent

17 मई 2025· 3 min read

agriculture newshaldihimachal pradesh agriculture
प्राकृतिक तरीके से उगाये गये गेहूं और हल्‍दी की खरीदी कर रही है हिमाचल सरकार, जानिए क्या है रेट?

प्राकृतिक तरीके से उगाये गये गेहूं और हल्‍दी की खरीदी कर रही है हिमाचल सरकार, जानिए क्या है रेट?

हिमाचल प्रदेश में प्राकृत‍िक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को उनकी उपज का अच्छा दाम दिया जा रहा है. प्राकृत‍िक रूप से उगे गेहूं पर राज्‍य सरकार 60 रुपये प्रति किलो और कच्‍ची हल्‍दी पर 90 रुपये प्रति किलोग्राम का भाव दे रही है. अपनी उपज को इस रेट पर बेचने के लिए किसानों को रजिस्‍ट्रेशन कराना अनिवार्य है.

देशभर में हिमाचल पहला राज्य है, जहां गेंहू पर प्रति किलो 60 रुपय न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, इससे पहले यह 40 रुपये था. हाल ही में हिमाचल सरकार ने इसमें 20 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी. इसके साथ ही कच्ची हल्दी को भी 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जा रहा है. जिला कुल्लू, लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़ दें तो बाकी सभी 9 जिलों में सरकार किसानों से गेंहू की खरीद करने की तैयारी में है. इस बार गेंहू कि 213 मीट्रिक टन फसल का अनुमान लगाया जा रहा है. इसके लिए हिमाचल सरकार ने 15 मई से 15 जून 2025 तक विशेष अभियान चला रही है, ताकि प्राकृतिक खेती को और प्रोत्‍साहन मिल सके.

ये भी पढ़ें - गेहूं की खरीद पिछले वर्ष के स्तर से आगे बढ़कर 28.66 मिलियन टन पर पहुंची

कुल 22 खरीद केंद्र बनाए गए
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ प्राकृतिक खेती कौशल किसान योजना (PK3Y), कृषि विभाग के एडिश्नल प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ रविंद्र सिंह जसरोटिया ने बताया कि विभाग ने प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं की खरीद शुरू कर दी है. इसके लिए कुल 22 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. सबसे पहले जिला हमीरपुर, जिला बिलासपुर और जिला सिरमौर के किसानों से गेहूं खरीदी जाएगी. इसके बाद पूरी तरह से नमी खत्म होने पर बाकी जिलों में भी गेंहू खरीदी जाएगी.
उन्होंने कहा कि इस बार 213 मीट्रिक टन प्राकृतिक गेहूं की फसल होने की उम्मीद की जा रही है. अभी तक प्राकृतिक खेती से फसल उगाने वाले 1001 रजिस्टर्ड किसानों का डेटा तैयार किया गया है. यही नहीं प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन के लिए अब किसान 2 किलोमीटर से ज्यादा दूरी से फसल खरीद केंद्र तक लाने वालों को 2 रुपए प्रति किलो अतिरिक्त दिए जाएंगे. राज्य के 9 जिलों में ये खरीद की जाएगी.

17-18 टन कच्ची हल्दी उत्‍पादन की उम्मीद
इसके साथ ही कच्ची हल्दी की खरीद शुरू की गई है. इसके लिए भी 10 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. उन्होंने कहा 90 रुपए प्रति किलो कच्ची हल्दी खरीदी जाएगी. राज्य सरकार की तरफ से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ये अहम कदम उठाए जा रहे हैं. इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. इस बार 17 से 18 टन कच्ची हल्दी की पैदावार की उम्मीद है. जिला ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, चंबा, सोलन, सिरमौर, शिमला के कुछ इलाकों में हल्दी की पैदावार हो रही है. गेहूं खरीद के बाद इस चोकर युक्त आटे को सरकार 100 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बाज़ार में बेचेगी.

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— प्राकृतिक तरीके से उगाये गये गेहूं और हल्‍दी की खरीदी कर रही है हिमाचल सरकार, जानिए क्या है रेट?

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs