Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

पश्चिम बंगाल में बारिश ने किसानों को दिया करारा झटका, आलू की फसल पर पड़ा गहरा असर

कोलकाता (रिपोर्ट – गुरुविंदर सिंह)। पश्चिम बंगाल के हुलगी में बेमौसम बारिश से आलू के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इस बारिश के कारण देश में आलू की कमी हो सकती है, जिससे आलू के दामों में बढ़ोतरी की सं

NP

Thamir· Correspondent

26 फ़रवरी 2025· 3 min read

पश्चिम बंगाल में बारिश ने किसानों को दिया करारा झटका, आलू की फसल पर पड़ा गहरा असर

पश्चिम बंगाल में बारिश ने किसानों को दिया करारा झटका, आलू की फसल पर पड़ा गहरा असर

कोलकाता (रिपोर्ट – गुरुविंदर सिंह)। पश्चिम बंगाल के हुलगी में बेमौसम बारिश से आलू के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इस बारिश के कारण देश में आलू की कमी हो सकती है, जिससे आलू के दामों में बढ़ोतरी की संभावना है। बेमौसम बारिश के कारण किसानों को अपनी आलू की फसल की हार्वेस्टिंग 20 दिन पहले करनी पड़ी।

ये भी पढ़ें - बिहार के पान किसानों को मिलेगी 50% सब्सिडी

पश्चिम बंगाल देश का दूसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है। 2023-24 में राज्य का आलू उत्पादन 1.27 करोड़ टन था। 2024-25 में इसके 1.4 करोड़ टन के उत्पादन का अनुमान था। इस साल बंगाल में बंपर आलू उत्पादन की संभावना थी, लेकिन बारिश ने किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण वे अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं।

ये भी पढ़ें - ऑपरेटिव किसान क्रेडिट कार्ड की राशि 10 लाख करोड़ रुपये के पार, 7.72 करोड़ किसानों को मिल रहा लाभ

हुलगी के किसान महबूब हुसैन कहते हैं कि फसल की हार्वेस्टिंग के 20 दिन पहले ही बारिश हो गई, जिससे फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। अब हम फसल हार्वेस्ट कर रहे हैं ताकि कुछ लागत निकल सके। मेरे परिवार को भी पालना है, इसलिए आलू निकाल रहे हैं।

ये बारिश महबूब हुसैन ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के किसानों के लिए भारी नुकसान का कारण बनी है। कुछ किसानों ने उम्मीद के साथ साहूकारों से कर्ज लिया था, लेकिन अब उनकी उम्मीदें पूरी तरह टूट चुकी हैं। सुमेश राय कहते हैं कि बारिश के कारण फसल खराब हो गई है। मैंने पाँच बीघा जमीन में लगभग 1.35 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन सरकार से अब तक कोई मदद नहीं मिली है।

इस बारिश ने किसानों को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन व्यापारियों को भी भारी नुकसान हुआ है। आलू व्यापारी गौतम भौमिक का कहना है कि इस बारिश का आलू के उत्पादन पर गहरा असर पड़ेगा, जिससे आलू के व्यापार पर भी प्रभाव डालेगा।

ये भी पढ़ें - तिलहन किसानों को राहत देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, वनस्पति तेल आयात पर ड्यूटी बढ़ेगी!

बंगाल में आई इस प्राकृतिक आपदा का असर पूरे देश में दिखाई दे सकता है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के मुदित वर्मा कहते हैं कि बारिश के कारण आलू के दामों पर असर पड़ेगा और इसके दाम बढ़ सकते हैं।

इस मामले में पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक अमरेन्द्र पांडे कहते हैं कि इस बार मौसम थोड़ा गर्म और ठंडा था, जो फसल के लिए अच्छा नहीं था। हार्वेस्टिंग के समय आलू में पानी लग जाता है, जिससे नावीडशा रोग हो सकता है और कई तरह के फंगस उत्पन्न हो सकते हैं, जो काफी नुकसानदायक होते हैं। इसलिए फंगस साइड का छिड़काव करना चाहिए, ताकि फसल को बचाया जा सके।

NP

About the Author

Thamir

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min