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धान समेत दलहन, तिलहन और गन्ना की बुआई बढ़ी लेकिन कपास और जूट में गिरावट

ख़रीफ़ फसलों की बुआई इस साल 2 अगस्त तक पिछले साल के मुक़ाबले 25.38 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में हुई है। दलहन, तिलहन, गन्ना, मूंगफली, सोयाबीन और मक्के की बुआई में वृद्धि देखी गयी है वहीं कपास, जूट, बा

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Pooja Rai· Correspondent

3 अगस्त 2024· 3 min read

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धान समेत दलहन, तिलहन और गन्ना की बुआई बढ़ी लेकिन कपास और जूट में गिरावट

धान समेत दलहन, तिलहन और गन्ना की बुआई बढ़ी लेकिन कपास और जूट में गिरावट

ख़रीफ़ फसलों की बुआई इस साल 2 अगस्त तक पिछले साल के मुक़ाबले 25.38 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में हुई है। दलहन, तिलहन, गन्ना, मूंगफली, सोयाबीन और मक्के की बुआई में वृद्धि देखी गयी है वहीं कपास, जूट, बाजरा और रागी फसल की बुआई में कमी आई है।

कृषि मंत्रालय ने 2 अगस्त तक देश में खरीफ फसलों की कुल बुआई का आंकड़ा जारी किया है।इसके अनुसार अब तक कुल खरीफ फसल एरिया का 82.54 फीसदी बोया जा चुका है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार 2018-19 से 2022-23 के बीच देश में खरीफ फसलों की बुआई का क्षेत्र 1095.84 लाख हेक्टेयर था। इस साल 2 अगस्त तक इसमें से 904.60 लाख हेक्टेयर एरिया कवर हो चुका है। पिछले साल इस अवधि तक 879.22 लाख हेक्टेयर में ही खरीफ फसलों की बुआई हुई थी। यानी इस बार पिछले साल के मुकाबले 25.38 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई हो चुकी है।

दलहनी फसलों की बुआई बढ़ी
आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक खरीफ सीजन की दलहन फसलों की बुआई 110.61 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जो पिछले साल से 10.90 लाख हेक्टेयर अधिक है। पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 99.71 लाख हेक्टेयर में ही दलहन फसलों की बुआई हो सकी थी। अरहर की बुआई की बात करें तो अभी तक 41.89 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जो प‍िछले वर्ष के मुकाबले 8.63 लाख हेक्टेयर ज्यादा
है। इसी तरह मूंग की बुआई 31.62 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो प‍िछले वर्ष से 3.48 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

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तिलहन की बुआई 5.16 लाख हेक्टेयर ज़्यादा
कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस साल अब तक खरीफ सीजन की तिलहन फसलों की लगभग 179.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बुआई हो गयी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 174.53 लाख हेक्टेयर बुआई हुई थी। यानी इस साल त‍िलहन फसलों के रकबे में 5.16 लाख हेक्टेयर की वृद्ध‍ि द‍िखाई दे रही है।
मूंगफली के एर‍िया में प‍िछले साल के मुकाबले 4.82 लाख हेक्टेयर का इजाफा द‍िख रहा है। इस साल अब तक 44.06 लाख हेक्टेयर में इसकी बुआई हो चुकी है। इसी तरह सोयाबीन की बुआई 123.77 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जो प‍िछले वर्ष से 3.26 लाख हेक्टेयर अध‍िक है।

कपास की बुआई में कमी
देश में अभी तक कपास की बुआई 108.43 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जो क‍ि प‍िछले साल से 9.76 लाख हेक्टेयर कम है। प‍िछले वर्ष 2 अगस्त तक 118.19 लाख हेक्टेयर में कॉटन बोया जा चुका था।
वहीं गन्ने की बुआई में वृद्धि देखने को मिली है। इसकी बुआई 57.68 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जो क‍ि प‍िछले साल के मुकाबले 0.57 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। लेक‍िन जूट की बुआई में 0.60 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है।

श्री अन्न की बुआई भी बढ़ी
श्री अन्न यानी मोटे अनाजों की बुआई 2 अगस्त तक 165.59 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जो प‍िछले वर्ष की इसी अवध‍ि के मुकाबले 5.22 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। इस साल बाजरा की बुआई 62.70 लाख हेक्टेयर में हुई है जो प‍िछले साल के मुकाबले 3.29 लाख हेक्टेयर कम है। रागी का एर‍िया भी घटा है, लेक‍िन मक्के की बुवाई प‍िछले वर्ष के मुकाबले इस बार 7.69 लाख हेक्टेयर ज्यादा हुई है। इस साल देश में 2 अगस्त तक 82.25 लाख हेक्टेयर में मक्का बोया जा चुका है।

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