Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक देश बना भारत, 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम चाय हुआ निर्यात
एग्री बुलेटिन

दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक देश बना भारत, 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम चाय हुआ निर्यात

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश है। भारत के उत्तर पूर्वी भाग में सबसे अधिक चाय का उत्पादन होता है। यहाँ देश का लगभग 85 प्रतिशत चाय का उत्पादन होता है। भारत दुनिया के सर्वाधिक चाय खपत कर

NP

News Potli

27 मार्च 2025· 3 min read

agriculture newsExportkheti kisani
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक देश बना भारत, 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम चाय हुआ निर्यात

दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक देश बना भारत, 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम चाय हुआ निर्यात

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश है। भारत के उत्तर पूर्वी भाग में सबसे अधिक चाय का उत्पादन होता है। यहाँ देश का लगभग 83 प्रतिशत चाय का उत्पादन होता है। भारत दुनिया के सर्वाधिक चाय खपत करने वाले देशों में से एक है। यहां देश में चाय उत्पादन का 80 प्रतिशत देश के भीतर उपभोग किया जाता है। भारतीय चाय बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक़ भारत ने 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम चाय निर्यात किया। इसके साथ ही श्रीलंका को पछाड़ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक देश बन गया है। इसी क्रम में केन्या ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।

चाय, पानी के बाद दुनिया का सबसे अधिका पिया जाने वाला पेय पदार्थ है। चाय भारत के नकदी फसलों में से एक है। भारत में सबसे अधिक चाय का उत्पादन असम में होता है। दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है। दक्षिण राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में चाय की खेती होती है। दक्षिण के राज्यों में देश का 17 प्रतिशत चाय का उत्पादन होता है। भारत की असम, दार्जिलिंग और नीलगिरि चाय को दुनिया में बेहतरीन चाय में से एक माना जाता है। भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का चाय निर्यात 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम पर पहुंच गया, जो 10 साल का उच्चतम स्तर है। 2024 में देश के निर्यात में 2023 में दर्ज 231.69 मिलियन किलोग्राम के इसी आंकड़े से 10 फीसदी की जोरदार वृद्धि हुई।

ये भी पढ़ें - 2024-25 में रबी फसल क्षेत्र में 14.35 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है: कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर

2024 में भारत के निर्यात मूल्य में 15 फीसदी की वृद्धि
भारत 25 से अधिक देशों को चाय निर्यात करता है, जिसमें यूएई, इराक, ईरान, रूस, अमेरिका और यूके इसके प्रमुख बाजार हैं। भारत दुनिया के शीर्ष पांच चाय निर्यातकों में से एक है, जो कुल विश्व निर्यात का लगभग 10 फीसदी हिस्सा है। भारत की असम, दार्जिलिंग और नीलगिरी चाय दुनिया में सबसे बेहतरीन चाय में से एक मानी जाती है। भारत के निर्यात का मूल्य 2023 के 6,161 करोड़ रुपए से 15 फीसदी बढ़कर 2024 में 7,111 करोड़ रुपए हो गया। आंकड़ों के माने तो इराक को भेजे जाने वाले शिपमेंट में जोरदार वृद्धि हुई है, जो चाय निर्यात का 20 फीसदी है। इसी के साथ व्यापारियों को इस वित्त वर्ष में पश्चिम एशियाई देश को 40-50 मिलियन किलोग्राम चाय भेजने की उम्मीद है।

ब्लैक टी का सबसे ज़्यादा निर्यात
भारत से निर्यात की जाने वाली अधिकांश चाय 'काली चाय' (ब्लैक टी) है, जो कुल निर्यात का लगभग 96 फीसदी हिस्सा बनाती है।
अन्य किस्मों में नियमित चाय (रेगुलर टी), ग्रीन टी, हर्बल चाय, मसाला चाय और नींबू चाय (लेमन टी) शामिल हैं। भारत ने चाय उत्पादन को बढ़ावा देने, भारतीय चाय के लिए एक विशिष्ट ब्रांड बनाने और चाय उद्योग से जुड़े परिवारों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक देश बना भारत, 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम चाय हुआ निर्यात

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs