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जब तक किसानों की मांगें नहीं मानी जाती, तब तक अनशन खत्म नहीं करेंगे: जगजीत सिंह दल्लेवाल

किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल, जो संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक हैं, पिछले साल 26 नवंबर से खनौरी सीमा बिंदु पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. खनौरी विरोध स्थल पर मीडिया को जानकारी द

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Pooja Rai· Correspondent

28 जनवरी 2025· 3 min read

agriculture newsfarmer protestJagjit Singh Dallewal
जब तक किसानों की मांगें नहीं मानी जाती, तब तक अनशन खत्म नहीं करेंगे: जगजीत सिंह दल्लेवाल

जब तक किसानों की मांगें नहीं मानी जाती, तब तक अनशन खत्म नहीं करेंगे: जगजीत सिंह दल्लेवाल

किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल, जो संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक हैं, पिछले साल 26 नवंबर से खनौरी सीमा बिंदु पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. आज, मंगलवार को खनौरी विरोध स्थल पर मीडिया को जानकारी देते हुए दल्लेवाल ने कहा कि पूरे देश को MSP की जरूरत है. उन्होंने कहा, "पंजाब को भी अपने भूमिगत जल स्तर को बचाने के लिए MSP की जरूरत है."

उन्होंने कहा कि वह अपना आमरण अनशन तब तक खत्म नहीं करेंगे जब तक कि केंद्र किसानों की मांगों को स्वीकार नहीं कर लेता, जिसमें फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी भी शामिल है. उन्होंने कहा, "मैंने केवल चिकित्सा सहायता ली। (उसके बाद) उल्टी बंद हो गई है. मेरा आमरण अनशन जारी है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं कर देती. 14 फरवरी की बैठक में भाग लेने पर डल्लेवाल ने कहा कि हर कोई चाहता है कि वह बैठक में शामिल हों.उन्होंने कहा, "लेकिन स्वास्थ्य इसकी इजाजत नहीं दे रहा है. मुझमें जाने की ताकत नहीं है."

12 फरवरी को खनौरी विरोध स्थल पर इकट्ठा हों किसान
डल्लेवाल ने किसानों से 12 फरवरी को खनौरी विरोध स्थल पर इकट्ठा होने की अपील की.
उन्होंने कहा "अगर सभी आएंगे तो मुझे और ताकत मिलेगी और अगर ईश्वर ने चाहा तो मैं (14 फरवरी) की बैठक में जाकर अपनी बात रख सकूंगा. इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि 12 फरवरी को बड़ी संख्या में यहां इकट्ठा हों. आपको देखकर ऊर्जा मिलती है."

ये भी पढ़ें - Rabi Crop: धान, गेहूं और दलहन की बुआई में बढ़ोतरी, तिलहन और मोटे अनाज के रकबे में गिरावट

14 फरवरी को चंडीगढ़ में बैठक
कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रिय रंजन के नेतृत्व में केंद्र सरकार के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 18 जनवरी को एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) को उनकी मांगों पर चर्चा के लिए बातचीत के लिए आमंत्रित किया था. 14 फरवरी को चंडीगढ़ में बैठक होगी. प्रस्तावित बैठक की घोषणा के बाद दल्लेवाल ने चिकित्सा सहायता ली लेकिन उन्होंने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त नहीं किया.

13 फरवरी 2024 से आंदोलन
एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम के बैनर तले किसान पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर डेरा डाले हुए हैं, जब सुरक्षा बलों ने उन्हें अपनी मांग पर दबाव बनाने के लिए दिल्ली तक मार्च करने की अनुमति नहीं दी थी. उनकी फसलों के लिए एमएसपी सहित विभिन्न मांगें हैं.

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