Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

गेहूं की नई प्रजाति K-2010, फसल 125 दिनों में तैयार होगी, पैदावार भी ज्यादा

गेहूं की बुवाई का मौसम है। अगर आप भी गेंहू की खेती करते हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। कानपुर के वैज्ञानिकों ने गेहूं की नई प्रजाति तैयार की है। इसका नाम K-2010 रखा गया है। ये प्रजाति कीट और रोगों

NP

Jalish· Correspondent

11 नवंबर 2024· 2 min read

गेहूं की नई प्रजाति K-2010, फसल 125 दिनों में तैयार होगी, पैदावार भी ज्यादा

गेहूं की नई प्रजाति K-2010, फसल 125 दिनों में तैयार होगी, पैदावार भी ज्यादा

गेहूं की बुवाई का मौसम है। अगर आप भी गेंहू की खेती करते हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। कानपुर के वैज्ञानिकों ने गेहूं की नई प्रजाति तैयार की है। इसका नाम K-2010 रखा गया है। ये प्रजाति कीट और रोगों से तो सुरक्षित रहेगी ही, साथ ही फसल का उत्पादन भी बढ़ेगा। ये प्रजाति सिर्फ 125 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रजाति के गेहूं का फायदा लखनऊ, अलीगढ़, आगरा, प्रयागराज और कानपुर मंडल के किसानों को मिल सकता है।

चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविध्यालय (CSS) के वैज्ञानिक किसानों की आय बढ़ाने, खेती में होने वाले नुकसान को कम करने पर काम कर रहे हैं। इससे पहले इसी टीम ने बुंदलखंड के किसानों को गेहूं की दो प्रजाति K-1616 और K-1006 दी, और उसके बाद ऊसर ज़मीन के लिए नई प्रजाति विकसति की है। K-2010 को केंद्र और यूपी सरकार से मान्यता भी मिल गई है। अब वैज्ञानिकों की टीम अगले साल के लिए इस प्रजाति के गेहूं का बीज भी तैयार करेगी।

ज़्यादा तापमान में सुरक्षित रहेंगे दाने

ऊसर जमीन पर फसल को सबसे ज्यादा नुकसान अधिक तापमान की वजह से होता है। फिलहाल जितनी भी गेहूं की प्रजातियां हैं, उनके दानें ज्यादा तापमान की वजह से सिकुड़ जाते हैं। जिससे फैसल को नुकसान होता है, नतीजा कम पैदावार। वैज्ञानिकों का मानना है कि K-2010 के दाने ज्यादा तापमान में भी नहीं सुकड़ेंगे। जिससे पैदावार बढ़ेगी।

NP

About the Author

Jalish

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min