Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. गांव के लोगों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा ज्यादा मुआवजा
एग्री बुलेटिन

गांव के लोगों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा ज्यादा मुआवजा

गांव में रहने वाले करोड़ों आम लोगों और किसानों के लिए अच्छी खबर है। अगर किसी हादसे, आपदा या अनहोनी में आपका नुकसान हुआ है तो ये वीडियो जरुर देखिए। केंद्र सरकार ने बाढ़, सूखा, हादसे आदि के दौरान दिए जा

NP

Arvind· Correspondent

27 नवंबर 2022· 3 min read

Arvind shuklaclimate changecompensation on crop damage
गांव के लोगों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा ज्यादा मुआवजा

गांव के लोगों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा ज्यादा मुआवजा

गांव में रहने वाले करोड़ों आम लोगों और किसानों के लिए अच्छी खबर है। अगर किसी हादसे, आपदा या अनहोनी में आपका नुकसान हुआ है तो ये वीडियो जरुर देखिए। केंद्र सरकार ने बाढ़, सूखा, हादसे आदि के दौरान दिए जाने वाले मुआवजे की राशि में 20 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी। यानि अब फसल बर्बाद होने, ओले गिरने, आग लगने, बिजली गिरने आदि से होने वाले नुकसान में राहत के तौर पर ज्यादा पैसे मिलेंगे। यूपी समेत कई राज्यों ने राज्य आपदा प्रबंधन की नई राशि की मंजूरी के साथ अपनी तरफ से भी कुछ ऐलान किए हैं। तो चलिए समझते हैं कि आपदा पीड़ितों को कितना मुआवज़ा पहले मिलता था और अब सरकार ने उसे बढ़ाकर कितना कर दिया है। बढ़ी दरें वित्तीय वर्ष 2022-23 से लागू हो गई हैं।

जलवायु परिवर्तन के चलते मौसमी आपदाएं बढ़ गई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को होते हैं, केंद्र सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने फसलों के मुआवजे में 20-25 फीसदी की वृद्धि की है। आपदा में जान गवाने वालों के परिजनों को पहले की ही तरह 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। आपदा की वजह से 40-60 फीसदी तक दिव्यांगता होने पर 59,100 की जगह 74,000 रुपये मिलेगें। 60% से ज्यादा होने पर 2.50 लाख तक का मुआवजा मिलेगा। गहरे जख्म होने पर 12,700 की जगह 16,000 रुपये मिलेंगे। तो गंभीर घायल को 4,300 की जगह 5,400 रुपये। आपदा में घर क्षतिग्रस्त होने पर कपड़ों के लिए 2,500 और घरेलू सामान के लिए 2,500 रुपये मिलेंगे। बारिश में खेती की जमीन पर मलबा आ जाने पर उसे हटाने और मछली फार्मों की मरम्मत के लिए पहले प्रति हेक्टेयर 12,200 की जगह 18,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। प्रति किसान न्यूनतम 2,200 की मदद होगी। इसे आप ऐस समझ सकते हैं कि एक किसान को कम से कम 2200 रुपये की मदद तो मिलेगी ही।

ये तो हुई केंद्र की बात अब एक आपको यूपी सरकार ने जो अलग से बाढ़ प्रभावितों के लिए मुआवज़े का ऐलान किया है उसकी भी जानकारी दे दते हैं

बाढ़ में जिनके घर गिर गए उनको सरकार एक लाख रुपये तक की सहायता राशि देगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बाढ़ के चलते पशुओं के नुकसान पर भी मुआवजा दिया जाएगा। दुधारू पशु गाय, भैंस वगैरह के मरने पर 37500, बकरी, भेड़, सूअर के मरने पर 4000, गैर दुधारू पशु ऊंट, घोड़ा के मरने पर 32000, बछड़ा, गधा, टट्टू के मरने पर 20000 रुपये की दर से पशुपालकों को सहायता राशि दी जाएगी।

ये तो आप ने जान लिया है कि किसको कितना मुआवजा मिलने का प्रावधान है। अब ये भी जान लीजिए कि ये आपको मिलेगा कैसे। यूपी सरकार ने राहत कार्यों और मुआवजा राशि आवंटित करने के लिए राजस्व, पंचायती राज, ग्राम विकास, नगर विकास, चिकित्सा और स्वास्थ्य, पशुपालन विभाग को निर्देश दिए हैं। जिन किसानों को आपदा से नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजा राशि पाने के लिए ग्राम पंचायत सेक्रेटरी, लेखपाल, प्रधान की मदद से उपजिलाधिकारी कार्यालय या संबंधित विभाग के कार्यालय में आवेदन करना होगा। जरूरी प्रक्रिया के बाद मुआवजा राशि किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी

न्यूज पोटली की रिपोर्ट

News Potli.
Clip & Share
“

— गांव के लोगों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा ज्यादा मुआवजा

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Arvind

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs