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किसानों के काम की ये 5 Mobile app, जाने पूरी डिटेल

ग्रामीण भारत इन दिनों डिजिटलाइज़ेशन और टेक्नोलॉजी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वही भारत सरकार भी देश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवाओं को बढ़ाने पर जोर दे रही है।

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Pooja Rai· Correspondent

1 जुलाई 2024· 3 min read

किसानों के काम की ये 5 Mobile app, जाने पूरी डिटेल

किसानों के काम की ये 5 Mobile app, जाने पूरी डिटेल

ग्रामीण भारत इन दिनों डिजिटलाइज़ेशन और टेक्नोलॉजी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वही भारत सरकार भी देश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवाओं को बढ़ाने पर जोर दे रही है। किसान(Farmer) भी तेजी से सोशल मीडिया और मोबाइल के जरिए खेती-किसानी की जानकारी बटोर रहे हैं और उन्हें अपनी खेती में प्रयोग कर मोटा मुनाफा भी कमा रहे हैं। वही मौजूदा वक्त में बहुत सारे ऐसे मोबाइल ऐप हैं जिनमें खेती-किसानी से संबंधित जानकारी सरल भाषा में मिलती है।

ऐसे में अगर आप एक किसान हैं और आपके पास या घर में स्मार्ट फोन है तो आपको ये mobile app अपने फ़ोन में ज़रूर रखना चाहिए।

मेघदूत ऐप (Meghdoot App)
इस ऐप को कृषि मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने मिलकर जारी किया किया है।इस ऐप से आप मौसम, खेती किसानी और पशुपालन की सारी जानकारी ले सकते हैं। बारिश कब होने वाली है, आपके इलाके का मौसम कैसा रहने वाला है, कब कौन सी फसल की बुवाई करनी है, ऐसी कई जानकारियां आप मिनटों में ले सकते है।

ई-नामएप(E NAM App)
ई-नाम एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है, जिसके जरिये राष्ट्रीय कृषि बाजार को सीधा किसानों से जोड़ा गया है। इस एप की मदद से किसान घर बैठे अपने फसलों की बोली लगाकर उसे मनचाहे भाव पर ऑनलाइन ही बेच सकते हैं। अभी तक ई-नाम से 100 मंडियों, 2 लाख फसल व्यापारियों और पौने 2 करोड़ किसानों को जोड़ा जा चुका है, जो अपनी फसल का लेन-देन ऑनलाइन ही कर रहे हैं।मंडियों को ऑनलाइन एक्सिस करने के लिये ये सबसे बेहतर एप है।

दामिनी ऐप(Damini app)
मौसम विभाग की ओर से तैयार किया गया ये मोबाइल ऐप बिजली गिरने से लोगों को सावधान करने के लिए भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन Indian Institute of Tropical Meteorology,पुणे ने ये ऐप विकसित किया है।

यह ऐप समय से पहले ही बिजली, वज्रपात गिरने की संभावना की सटीक जानकारी देता है। इसके लिए tropical meteorology

के वैज्ञानिकों ने देशभर में करीब 48 सेंसर के साथ एक लाइटनिंग लोकेशन नेटवर्क स्थापित किया है। इस नेटवर्क के आधार पर ही इस ऐप को विकसित किया गया है, जो 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने के संभावित स्थान की जानकारी देता है।बिजली की गड़गड़ाहट के साथ ही यह वज्रपात की स्पीड भी बताता है।

ये भी पढ़ें -बाढ़ग्रस्त इलाके में सूखा और सूखे इलाके में बाढ़ क्यों?

पूसा कृषि(Pusa Krishi)
यह केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा लॉन्च की गयी एक सरकारी ऐप है, जिससे किसान भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) द्वारा विकसित तकनीकों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा, पूषा कृषि ऐप फसलों की नई किस्मों, संसाधन-संरक्षण खेती के साथ-साथ कृषि मशीनरी से संबंधित जानकारी भी देता है।

एम किसान ऐप(M. Kisan app)
ये ऐप किसानों के लिये बहुत उपयोगी साबित हो रहा है। इस मोबाइल ऐप के जरिए किसान खेती-किसानी से जुड़े अपने किसी भी तरह के सवालों का जवाब कृषि विशेषज्ञों से पा सकते हैं। किसान विशेषज्ञों की सही सलाह से किसान अपनी फसलों में बेहतर उत्पादन के साथ-साथ ज्यादा मुनाफा भी कमा सकते हैं। इतना ही नहीं, किसान इस ऐप के जरिए लाइव विशेषज्ञों से बात भी कर सकते हैं। यह मोबाइल ऐप किसान एम-किसान पोर्टल पर पंजीकरण कर डाउनलोड कर सकते हैं।

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