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कश्मीर सेब किसानों के लिए खुशखबरी: बड़गाम से दिल्ली तक रोज़ाना पार्सल ट्रेन, सीधे बाजारों तक पहुँचेगी ताज़ा फसल

कश्मीर घाटी से सेब अब रोज़ाना पार्सल ट्रेन के ज़रिए बड़गाम से दिल्ली भेजे जाएंगे, हर ट्रेन में 180 मीट्रिक टन तक की खेप पहुँचेगी। इस सुविधा से किसानों को सीधे बाज़ार तक पहुंचकर बेहतर दाम मिलेंगे। रेलव

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Pooja Rai· Correspondent

11 सितंबर 2025· 2 min read

कश्मीर सेब किसानों के लिए खुशखबरी: बड़गाम से दिल्ली तक रोज़ाना पार्सल ट्रेन, सीधे बाजारों तक पहुँचेगी ताज़ा फसल

कश्मीर सेब किसानों के लिए खुशखबरी: बड़गाम से दिल्ली तक रोज़ाना पार्सल ट्रेन, सीधे बाजारों तक पहुँचेगी ताज़ा फसल

कश्मीर घाटी से सेब अब रोज़ाना पार्सल ट्रेन के ज़रिए बड़गाम से दिल्ली भेजे जाएंगे, हर ट्रेन में 180 मीट्रिक टन तक की खेप पहुँचेगी। इस सुविधा से किसानों को सीधे बाज़ार तक पहुंचकर बेहतर दाम मिलेंगे। रेलवे की यह पहल घाटी की अर्थव्यवस्था और बागवानी दोनों के लिए बड़ा सहारा साबित होगी।

कश्मीर घाटी के सेब उत्पादकों को भारतीय रेलवे ने बड़ी राहत दी है। अब बड़गाम से दिल्ली के आदर्श नगर तक रोज़ाना पार्सल ट्रेन के ज़रिए ताज़ा सेब भेजे जाएंगे। शुरुआत में दो ट्रेनों से लोडिंग शुरू की गई है, जिनमें हर ट्रेन में आठ वैगन होंगे और हर वैगन में करीब 23 मीट्रिक टन सेब की खेप भरी जाएगी। ज़रूरत बढ़ने पर रेलवे और वैगन उपलब्ध कराएगा।

दैनिक सेवा की शुरुआत
13 सितंबर से बड़गाम से आदर्श नगर (दिल्ली) के बीच रोज़ाना पार्सल ट्रेन चलेगी। इससे सेब तेज़ी और सुरक्षित तरीके से दिल्ली के बड़े बाज़ारों तक पहुँचेंगे। किसान और व्यापारी आसानी से ऑनलाइन (www.fois.indianrail.gov.in) पार्सल बुक कर सकेंगे।

किसानों को होगा सीधा फायदा
इस सेवा से घाटी के फल उत्पादकों को दिल्ली तक सीधी पहुंच मिलेगी। ताज़ा सेब बिना बिचौलियों के बाज़ार में पहुँचकर अच्छी कीमत दिलाएंगे। इसके अलावा, बीच के स्टेशनों से भी पार्सल जोड़े जा सकेंगे।

ये भी पढ़ें - हिमाचल में खराब मौसम के कारण रास्ते बंद, सेब उत्पादक किसान तैयार सेब फेंकने को मजबूर

कश्मीर में मजबूत हो रहा ढांचा
हाल ही में पंजाब से अनंतनाग गुड्स शेड तक सीमेंट से लदी मालगाड़ी पहुँची थी, जिससे कश्मीर को राष्ट्रीय माल ढुलाई नेटवर्क से जोड़ा गया। अब रेल कार्गो सेवाओं के ज़रिए घाटी में कारोबार और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

भविष्य की संभावनाएं
उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक पर पहले से दो वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। अब मालगाड़ियों की सुविधा से कश्मीर के किसानों की आमदनी बढ़ेगी और बागवानी क्षेत्र को बड़ा सहारा मिलेगा।

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