Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

एथनॉल ब्लेंडिंग 20% से आगे बढ़ाने की मांग, ब्राजील में 55% तक एथनॉल ब्लेंडिंग

GEMA ने सरकार से पेट्रोल में एथनॉल की मिलावट 20% से आगे बढ़ाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि देश में एथनॉल बनाने की पर्याप्त क्षमता और निवेश मौजूद है, अब जरूरत मांग बढ़ाने की है। इससे ईंधन आयात घ

NP

Pooja Rai· Correspondent

17 दिसंबर 2025· 3 min read

एथनॉल ब्लेंडिंग 20% से आगे बढ़ाने की मांग, ब्राजील में 55% तक एथनॉल ब्लेंडिंग

एथनॉल ब्लेंडिंग 20% से आगे बढ़ाने की मांग, ब्राजील में 55% तक एथनॉल ब्लेंडिंग

GEMA ने सरकार से पेट्रोल में एथनॉल की मिलावट 20% से आगे बढ़ाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि देश में एथनॉल बनाने की पर्याप्त क्षमता और निवेश मौजूद है, अब जरूरत मांग बढ़ाने की है। इससे ईंधन आयात घटेगा, विदेशी मुद्रा बचेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।

ग्रेन एथनॉल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (GEMA) ने कहा है कि पेट्रोल में एथनॉल मिलाने की मौजूदा योजना (EBP) को 20 प्रतिशत पर ही रोकने के लिए नहीं बनाया गया था। एसोसिएशन ने सरकार से अपील की है कि एथनॉल की खपत बढ़ाने के लिए पेट्रोल में इससे ज्यादा एथनॉल मिलाने की अनुमति दी जाए।

एथनॉल की खपत बढ़ाने की जरूरत
GEMA का कहना है कि देश में एथनॉल बनाने की क्षमता पहले से मौजूद है और इस पर भारी निवेश भी हो चुका है। अब जरूरत इस बात की है कि नीतियों के जरिए एथनॉल की खपत बढ़ाई जाए, ताकि डिस्टिलरी अपनी पूरी क्षमता से काम कर सकें।

GEMA का सुझाव
एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (FFV) को तेजी से बढ़ावा दिया जाए, एथनॉल भरने के लिए जरूरी ढांचा तैयार किया जाए और एथनॉल पर GST/VAT को तर्कसंगत बनाया जाए। इससे भारत हर साल ईंधन आयात पर होने वाले खर्च में करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक की बचत कर सकता है।GEMA के प्रेसिडेंट सी. के. जैन ने कहा कि एथनॉल उत्पादन क्षमता सरकार के स्पष्ट निर्देशों के तहत बनाई गई है। अब जरूरत क्षमता घटाने की नहीं, बल्कि मांग बढ़ाने की है, ताकि इस योजना के आर्थिक, ग्रामीण और पर्यावरणीय फायदे पूरे देश को मिल सकें।

ये भी पढ़ें - यूपी में ‘सॉइल टू सिल्क’ विज़न को नई रफ्तार, बन रहा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

सिर्फ 760 करोड़ लीटर एथनॉल की खरीद तय
बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल अनाज से बनने वाले एथनॉल की सालाना क्षमता करीब 1,000 करोड़ लीटर है, जबकि तेल कंपनियों ने इस साल सिर्फ 760 करोड़ लीटर एथनॉल की खरीद तय की है। वहीं डिस्टिलरी कंपनियां 1,300 करोड़ लीटर से ज्यादा एथनॉल सप्लाई करने को तैयार हैं।

ब्राजील में 55% तक एथनॉल ब्लेंडिंग
GEMA ने यह भी कहा कि भारत की एथनॉल उत्पादन क्षमता कोई फालतू निवेश नहीं, बल्कि सरकार की दीर्घकालिक नीति का नतीजा है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जब कच्चा माल, कीमत और बिक्री सब कुछ नियंत्रित है, तो कंपनियों को निवेश में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए थी। एसोसिएशन ने बताया कि एथनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को एक पड़ाव के रूप में देखा गया था, ताकि आगे चलकर ज्यादा एथनॉल मिलाने की तैयारी की जा सके। उदाहरण देते हुए GEMA ने कहा कि ब्राज़ील में पेट्रोल में एथनॉल की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

ये देखें -

NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min