Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. उत्तर भारत में बढ़ते तापमान के बीच पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों और पशुपालकों के लिए जारी की एडवाइजरी
एग्री बुलेटिन

उत्तर भारत में बढ़ते तापमान के बीच पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों और पशुपालकों के लिए जारी की एडवाइजरी

दिन प्रतिदिन गर्मी बढ़ती जा रही है, खासकर उत्तर भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। अप्रैल की शुरुआत में ये हाल है तो मई-जून में क्या होगा? मौसम विभाग भी हर दिन हीट वेव अलर्ट जारी कर रहा है। इस गर्मी

NP

Pooja Rai· Correspondent

8 अप्रैल 2025· 2 min read

advisioryagriculture newsheatwave
उत्तर भारत में बढ़ते तापमान के बीच पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों और पशुपालकों के लिए जारी की एडवाइजरी

उत्तर भारत में बढ़ते तापमान के बीच पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों और पशुपालकों के लिए जारी की एडवाइजरी

दिन प्रतिदिन गर्मी बढ़ती जा रही है, खासकर उत्तर भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। अप्रैल की शुरुआत में ये हाल है तो मई-जून में क्या होगा? मौसम विभाग भी हर दिन हीट वेव अलर्ट जारी कर रहा है। इस गर्मी से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी से फसलों और जानवरों को काफी नुकसान हो रहा है। ऐसे में किसानों और पशुपालकों के लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने एडवाइजरी जारी की है।

आपको बता दें कि अप्रैल महीने के पहले ही हफ्ते में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। वहीं, पीएयू के कृषि मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख डॉ. पी के किंगरा ने आने वाले दिनों के दौरान तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना जतायी है। समय से बोई गई रबी की फसलें पकने के करीब हैं। लेकिन, उच्च तापमान के कारण देर से बोई गई फसलें गर्मी और पानी की बढ़ती मांग से प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में कृषि मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख ने गर्मी और फसलों में पानी की कमी को रोकने के लिए फसलों की उचित निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने किसानों को फसलों को समय-समय पर जरूरत के हिसाब से हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।
ये भी पढ़ें - बदलते मौसम में पूसा की किसानों को सलाह, हवा की गति कम होने पर सुबह या शाम को करें सिंचाई

सिंचाई कर नमी बनाए रखें
फलों की बागवानी करने वाले बागवानों को बढ़ती गर्मी से उपज को बचाने के लिए सिंचाई कर नमी बनाए रखने की सलाह दी है। इसके अलावा छोटे पौधों पर गर्मी का असर कम करने के लिए पुआल की मल्चिंग मददगार साबित हो सकती है। पशुपालकों के लिए उन्होंने सलाह दी है कि जानवरों, खासकर विदेशी नस्लों की गायों के लिए कूलर या पंखे की व्यवस्था भी की जा सकती है। गर्मी में पशुधन प्रबंधन पर डॉ. किंगरा ने पशुपालकों को सलाह दी की गर्मी के असर और पशुओं में पानी की कमी से बचने के लिए जानवरों को लगातार पानी की उपलब्धता और पौष्टिक आहार के साथ घर के अंदर रखें। पशुओं के शरीर का सही तापमान बनाए रखने और गर्मी का प्रभाव कम करने के लिए समय-समय पर जानवरों को नहलाएं।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— उत्तर भारत में बढ़ते तापमान के बीच पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों और पशुपालकों के लिए जारी की एडवाइजरी

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs