Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

आपकी चाय में रंगत लाने के लिए इन्होंने कितना कुछ खो दिया

पश्चिम बंगाल के टी स्टेट में काम करने वाले लोगों का हाल बहुत पुरा है। उन्हें दिन का महज 232 रुपये ही मेहनताना मिलता है। भारत में पश्चिम बंगाल और असम में बड़े पैमाने पर चाय की खेती होती है। बंगाल में

NP

Jalish· Correspondent

8 मई 2025· 1 min read

आपकी चाय में रंगत लाने के लिए इन्होंने कितना कुछ खो दिया

आपकी चाय में रंगत लाने के लिए इन्होंने कितना कुछ खो दिया

पश्चिम बंगाल के टी स्टेट में काम करने वाले लोगों का हाल बहुत पुरा है। उन्हें दिन का महज 232 रुपये ही मेहनताना मिलता है।

भारत में पश्चिम बंगाल और असम में बड़े पैमाने पर चाय की खेती होती है। बंगाल में सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, दार्जलिंग को टी स्टेट का गढ़ माना जाता है। यहां चाय के बागान में काम करने वाले ज्यादातर मज़दूर बहुत ही बुरे हालात से गुज़र रहे हैं। उन्हें सिर्फ 232 रुपये दिहाड़ी पर काम करना पड़ता है। यहां काम करने वाले ज्यादातर वो लोग हैं, जिनके पिता, या दादा या घर का कोई सदस्य पहले इस टी स्टेट में काम कर चुका है।

दरअसल चाय बागान में काम करने वाले लोगों को टी स्टेट की तरफ से रहने के लिए घर दिया जाता है। घर आपको तभी तक मिलेगा जब तक कि परिवार का एक सदस्य यहां नौकरी कर रहा हो। यहां रहने वाले कई लोगों के पास घर नहीं है, इसी मजबूरी में वो यहां काम करते हैं कि, कम से कम सिर पर एक छत तो मिल जाएगी।

टी स्टेट का इतिहास, यहां के चाय की पत्ती की डिमांड और मजदूरों की परेशानी। डिटेल स्टोरी जानने के लिए विडियो देखिए

NP

About the Author

Jalish

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min